डिंडौरी में बारिश के बाद घने कोहरे की चादर, 40 मीटर से नीचे पहुंची विजिबिलिटी, सड़कों पर रेंगते नजर आए वाहन

डिंडौरी। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले डिंडौरी में हालिया मानसूनी बारिश के बाद मौसम के मिजाज में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मंगलवार की अलसुबह पूरा इलाका घने कोहरे की चादर में लिपट गया। दृश्यता (विजिबिलिटी) गिरकर 40 मीटर से भी कम रह गई। कोहरे के साथ सुबह-शाम ठंडी हवाओं ने फिजा में हल्की सिहरन पैदा कर दी है, जिसके चलते जनजीवन प्रभावित हुआ। प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की गति थम सी गई और चालकों को दिन के उजाले में भी हेडलाइट जलाकर धीमी रफ्तार से चलना पड़ा। मौसम विभाग ने क्षेत्र में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की संभावना जताई है।
रास्ता नहीं दिखाई दे रहा था
जबलपुर मार्ग पर यात्री बस संचालित करने वाले ड्राइवर मनोज तिवारी ने बताया कि सुबह के समय कोहरा इतना सघन था कि सामने का रास्ता साफ दिखाई नहीं दे रहा था। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए बस को बेहद सतर्कता के साथ धीमी गति से चलाना पड़ा। हालांकि, धूप खिलने के साथ दृश्यता में सुधार हुआ और यातायात सामान्य हो सका। दूसरी ओर, इस बदलाव को ग्रामीण और किसान सकारात्मक रूप से देख रहे हैं।
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किसान बोले-मौसमी बदलाव रबी फसलों के लिए अनुकूल
स्थानीय किसान महेश प्रजापित का कहना है कि बारिश के बाद कोहरे का दिखना संकेत देता है कि अब वर्षा का दौर थमने की ओर है और आसमान साफ होने के साथ गुलाबी ठंड की आमद होगी। यह मौसमी बदलाव आगामी रबी फसलों की बुआई और उनकी प्रारंभिक बढ़त के लिए काफी अनुकूल माना जाता है। जिले में तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
एक जून से अब तक वर्षा की स्थिति
डिंडौरी: 64 इंच, बजाग: 48 इंच, करंजिया: 43 इंच, अमरपुर: 39 इंच, समनापुर: 31 इंच, शहपुरा: 29 इंच, मेंहदवानी: 26 इंच। जिले की सामान्य औसत वर्षा 1404.8 मिलीमीटर है, जिसकी तुलना में वर्तमान कुल वर्षा पिछले वर्ष के मुकाबले अभी भी लगभग 14 प्रतिशत कम बनी हुई है।



















