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इंदौर में नकली पट्टाकांड :₹20 हजार और पुराने केस! हीरानगर TI सुशील पटेल पर गिरी गाज

नकली पट्टाकांड में ₹20 हजार लेने के आरोप की जांच, नगर सुरक्षा समिति से मारपीट और हत्याकांड में लापरवाही के पुराने मामलों की विभागीय जांच के बाद हुई कार्रवाई
इंदौर में नकली पट्टाकांड :₹20 हजार और पुराने केस! हीरानगर TI सुशील पटेल पर गिरी गाज

इंदौर। हीरानगर थाना क्षेत्र के चर्चित नकली पट्टाकांड में नया मोड़ आने के बाद थाना प्रभारी सुशील पटेल को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। आरोपियों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर बताकर पट्टे बांधकर जुलूस निकालने और बाद में जेल के बाहर पट्टे खुलवाने का मामला तो जांच के घेरे में था ही, अब आरोपियों से ₹20 हजार मांगने और पिटाई नहीं करने के बदले रकम लेने के आरोप ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।हालांकि, विभागीय जांच में सामने आए इन आरोपों की पूरी परिस्थितियों और रकम के लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने इस मामले को टीआई के खिलाफ चल रही पुरानी विभागीय जांच से जोड़कर कार्रवाई की है।

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डॉक्टर के बयान के बाद बदली जांच की दिशा

मयंक और शोभित को कार में तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दोनों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर होने का दावा करते हुए पट्टे बांधे और उनका जुलूस निकाला। बाद में सेंट्रल जेल के बाहर पुलिसकर्मी उनके हाथ-पैर से पट्टे खोलते हुए कैमरे में कैद हुए। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू की।जांच के दौरान टीआई की ओर से आरोपियों के घायल होने और सूरज अस्पताल में इलाज कराने की बात कही गई थी। इसके बाद एडीसीपी ने संबंधित डॉक्टर से पूछताछ की। डॉक्टर ने आरोपियों का इलाज करने की पुष्टि की, लेकिन पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से इनकार किया। डॉक्टर के बयान के बाद अधिकारियों ने गिरफ्तारी और जुलूस निकालने की पूरी प्रक्रिया को जांच के दायरे में ले लिया।

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₹20 हजार लेने के आरोप की भी पड़ताल

26 जुलाई को वायरल वीडियो के बाद आरोप सामने आया कि आरोपियों से ₹20 हजार लिए गए थे और रकम के बदले उनकी पिटाई नहीं की गई। अधिकारियों ने अब इस आरोप को भी जांच में शामिल किया है। यह भी देखा जा रहा है कि रकम की मांग किस स्तर पर हुई और पूरे मामले में कौन-कौन से पुलिसकर्मी शामिल थे।पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एडीसीपी जोन-3 ओमप्रकाश ने एसीपी रुबिना मिजवानी, टीआई सुशील पटेल, एएसआई दिनेश त्रिपाठी समेत कई पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए।

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पुराने मामलों में भी घिरी थी हीरानगर पुलिस

सुशील पटेल के खिलाफ सिर्फ नकली पट्टाकांड को लेकर ही जांच नहीं चल रही थी। इससे पहले नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों से मारपीट और हत्याकांड के आरोपियों की धरपकड़ में कथित लापरवाही को लेकर भी हीरानगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की भूमिका की जांच कराई गई थी। वहीं, एक हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करने की शिकायत भी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची थी।इन दोनों मामलों के साथ नकली पट्टाकांड को मिलाकर तीन मामलों की विभागीय जांच की गई।

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तीनों मामलों की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई

तीनों मामलों की जांच एडिशनल डीसीपी ने की। सोमवार को जांच रिपोर्ट डीसीपी अभिषेक रंजन को सौंपी गई। रिपोर्ट के आधार पर टीआई सुशील पटेल के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें निलंबित कर दिया गया।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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