Shivani Gupta
1 Feb 2026
Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
Hemant Nagle
1 Feb 2026
इंदौर। बैतूल पुलिस ने इंदौर में बड़ी छापामार कार्रवाई करते हुए 10 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी और अवैध ऑनलाइन बेटिंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस कार्रवाई में इंदौर निवासी सोना-चांदी व्यापारी ब्रजेश महाजन और उसके सहयोगी राजेंद्र राजपूत को गिरफ्तार कर बैतूल ले जाया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इंदौर में स्थित व्यापारी के आलीशान बंगले से दुबई तक ठगी का पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था, जबकि बैतूल में रहने वाला उसका साला जनधन खातों के जरिए करोड़ों रुपए का लेनदेन करा रहा था। आरोपी महंगे शौक और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए अंतरराष्ट्रीय ठगी के इस संगठित गिरोह को चला रहे थे।
बैतूल पुलिस के अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र, खेड़ीसांवलीगढ़ शाखा में खुले जनधन खातों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जा रही थी। पुलिस ने 9 करोड़ 84 लाख रुपए की साइबर ठगी और अवैध ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में इंदौर निवासी दो आरोपियों ब्रजेश महाजन (सोना-चांदी व्यापारी) और राजेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन, 8 बैंक पासबुक और अलग-अलग लोगों के नाम से खुलवाए गए 20 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। इन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कर लगातार निकासी की जाती थी। इस मामले में अमित अग्रवाल पहले ही तीन दिन से बैतूल जेल में बंद है, जबकि राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
जनधन खातों से इंदौर तक पहुंचता था ठगी का पैसा-
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र खेड़ीसांवलीगढ़ का अस्थाई कर्मचारी राजा उर्फ आयुष चौहान लोगों के खातों में ई-केवाईसी की तारीखों में हेरफेर कर एटीएम कार्ड हासिल करता था। ये एटीएम कार्ड वह अपने इंदौर निवासी जीजा अंकित राजपूत को देता था। इसके बाद ऑनलाइन ठगी से आए रुपए इन खातों में ट्रांसफर किए जाते थे। अंकित राजपूत का कर्मचारी नरेंद्र सिंह राजपूत एटीएम से लगातार नकदी निकालता था। पुलिस ने 20 नवंबर को सबसे पहले राजा उर्फ आयुष चौहान को गिरफ्तार किया, उसी दौरान अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को भी पकड़ लिया गया। इसके बाद 11 दिसंबर को इंदौर से राजेंद्र राजपूत और ब्रजेश महाजन की गिरफ्तारी की गई, जिन्हें शुक्रवार को बैतूल लाया गया।
दुबई से खरीदी जाती थी ऑनलाइन बेटिंग की मास्टर आईडी -
इंदौर निवासी ब्रजेश महाजन, जो पेशे से सोना-चांदी का व्यापारी है, व्यापार के सिलसिले में कई देशों की यात्रा करता था। इन्हीं यात्राओं के दौरान उसने अंतरराष्ट्रीय ठगों से संपर्क स्थापित किया। पुलिस के अनुसार ब्रजेश दुबई से संचालित अवैध ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइटों की मास्टर आईडी खरीदकर भारत में बेचता था। वह 25 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक में इन वेबसाइटों की मास्टर आईडी हासिल करता और फिर इनके जरिए ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी का नेटवर्क चलाता था। आरोपियों के महंगे शौक ही उन्हें इस संगठित अपराध की दुनिया में ले आए। ब्रजेश महाजन और अमित अग्रवाल बीएमडब्ल्यू और अल्काजार जैसी लग्जरी कारों के शौकीन थे। पुलिस ने अल्काजार कार जब्त कर ली है, जिसे ब्रजेश महाजन इस्तेमाल करता था, जबकि बीएमडब्ल्यू कार, जिसे इंदौर निवासी अमित अग्रवाल चलाता था, उसकी तलाश जारी है।
भोले-भाले लोगों के खातों का किया जाता था सौदा -
पुलिस के मुताबिक आरोपी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाते थे। खाताधारकों से पासबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लेते और बदले में उन्हें 10 से 20 हजार रुपए थमा देते थे। इन खातों का इस्तेमाल करोड़ों की साइबर ठगी और ऑनलाइन बेटिंग के लेनदेन में किया जाता था। एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया कि पुलिस टीम ने इस बेहद पेचीदा और हाई-टेक साइबर अपराध में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अमित अग्रवाल के इंदौर स्थित बंगले से ठगी के पैसों का पूरा लेनदेन और ऑपरेशन संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।