7.7 के झटके से हिला इंडोनेशिया! दो मौतें, सुनामी अलर्ट ने बढ़ाई लोगों की चिंता

इंडोनेशिया। इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने कई इलाकों में लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS के मुताबिक, भूकंप का केंद्र फ्लोरेस के उत्तरी तट के पास समुद्र में था। शुरुआती झटकों के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई, जिसके चलते तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने सुरक्षित जगहों का रुख किया। प्रशासन ने लोगों को समुद्र तट और नदी किनारे से दूर रहने की सलाह दी। बाद की रिपोर्टों में कम से कम दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
सुबह के वक्त आया तेज झटका
भूकंप स्थानीय समय के अनुसार शनिवार सुबह आया। BMKG के अनुसार, इसका केंद्र समुद्र में नगेकेओ इलाके से करीब 30 किलोमीटर दूर था और इसकी गहराई 15 किलोमीटर दर्ज की गई। USGS ने भी इसे उथला समुद्री भूकंप बताया है। तेज झटकों के कारण फ्लोरेस के कई हिस्सों में लोग घबराकर सड़कों और खुले स्थानों की ओर निकल आए। इसके बाद 5.6 और 5.9 तीव्रता के झटके भी दर्ज किए गए।
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सुनामी अलर्ट से बढ़ी लोगों की चिंता
भूकंप समुद्र के भीतर आने के कारण सुनामी का खतरा पैदा हुआ। इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी BMKG ने प्रभावित तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की और लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा। नगेकेओ और माउमेरे जैसे इलाकों में लोग तेजी से सुरक्षित जगहों की ओर जाते दिखे। कुछ जगहों पर समुद्र का पानी पीछे हटने की भी खबर सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता और बढ़ गई।
कई इमारतों को हुआ नुकसान
तेज झटकों का असर घरों और सार्वजनिक इमारतों पर भी पड़ा। माउमेरे बंदरगाह के एक प्रतीक्षालय के गिरने की जानकारी सामने आई है। सिक्का इलाके के एक सेमिनरी में भी भूकंप के दौरान इमारत का हिस्सा गिर गया। वहां मौजूद लोग डरकर बाहर निकल आए। एक पादरी के घायल होने की भी रिपोर्ट है। स्थानीय स्तर पर नुकसान का आकलन अभी जारी है।
दो लोगों की मौत की पुष्टि
भूकंप के शुरुआती घंटों में किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन बाद में आपातकालीन अधिकारियों ने कम से कम दो लोगों की मौत की जानकारी दी। कई अन्य लोगों के घायल होने की खबरें भी सामने आई हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा ले रहे हैं। नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आने में अभी समय लग सकता है।
आफ्टरशॉक ने बढ़ाई परेशानी
मुख्य भूकंप के बाद कई झटके महसूस किए गए। ऐसे झटकों को आफ्टरशॉक कहा जाता है। लगातार हिलती जमीन के कारण लोगों में डर बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस नहीं जाने और स्थानीय अधिकारियों की सलाह का पालन करने को कहा है। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
रिंग ऑफ फायर में आता है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। देश प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में मिलती हैं। इसी वजह से यहां भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। फ्लोरेस क्षेत्र भी पहले बड़े भूकंप और सुनामी का सामना कर चुका है।
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प्रशासन की स्थिति पर नजर
प्रशासन, मौसम एजेंसी और आपदा राहत टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। सुनामी चेतावनी के बाद समुद्र के स्तर और तटीय इलाकों की निगरानी की गई। लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक जानकारी के आधार पर फैसला लेने की अपील की गई है। नुकसान और जनहानि का आंकड़ा आगे बढ़ सकता है, इसलिए स्थिति पर लगातार नजर बनी हुई है।












