PlayBreaking News

यूक्रेन तट पर मर्चेंट शिप पर हमला :रूसी मिसाइल हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने रूस के राजनयिक को किया तलब

यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना कार्गो जहाज पर रूसी मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई। भारत ने रूस के राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। जानिए हमले की पूरी टाइमलाइन, भारत का रुख, जहाज की जानकारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया।
Follow on Google News
रूसी मिसाइल हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने रूस के राजनयिक को किया तलब
मिसाइल हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत से नाराज भारत ने रूसी राजदूत को किया तलब।

नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में पहली बार भारतीय नागरिकों की इतनी बड़ी जानहानि हुई है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे एक नागरिक कार्गो जहाज पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में रूस के राजनयिक (चार्ज डी'अफेयर्स) को तलब किया और इस हमले पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

19 जुलाई की शाम गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला मर्चेंट वेसल MV Golden Leo यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था। जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे। यूक्रेन की ओर से दावा किया गया कि जहाज पर रूसी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। मिसाइल लगते ही जहाज में भीषण आग लग गई। इस हमले में चार भारतीय नाविकों समेत कुल 10 लोगों की मौत हुई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया।

भारत ने रूस के राजनयिक को किया तलब

घटना के बाद भारत सरकार ने रूस के चार्ज डी'अफेयर्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि, कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना निंदनीय है। निर्दोष नागरिकों की जान जोखिम में डालना स्वीकार्य नहीं है। समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस तरह की घटनाओं के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में रूस का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन घटना पर गंभीर आपत्ति जताई।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने मृत भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायल नाविक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

Russia-Ukraine War

रूस-यूक्रेन युद्ध में भारतीयों की पहली बड़ी मौत

यह रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारतीय नाविकों की मौत का पहला बड़ा मामला माना जा रहा है। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान भी कई व्यापारिक जहाज हमलों की चपेट में आए थे, लेकिन रूस-यूक्रेन संघर्ष में पहली बार भारतीय नागरिकों की मौत ने नई चिंता पैदा कर दी है।

यूक्रेन ने रूस पर लगाया सीधा आरोप

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि रूस ने जानबूझकर एक नागरिक जहाज को निशाना बनाया। उनके मुताबिक, जहाज पूरी तरह असैन्य था और इसमें कई देशों के नागरिक सवार थे। यह जहाज वैश्विक खाद्य आपूर्ति से जुड़े समुद्री मार्ग का हिस्सा था। नागरिक जहाजों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। सिबिहा ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) से यूक्रेन के बंदरगाहों पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी मिशन तैनात करने की मांग भी की।

जहाज पर कौन-कौन थे?

विवरण

जानकारी

जहाज का नाम

MV Golden Leo

झंडा

गिनी-बिसाऊ

रवाना हुआ

ओडेसा (यूक्रेन)

कुल क्रू सदस्य

17

भारतीय नागरिक

5

भारतीय मृतक

4

भारतीय घायल

1 (गंभीर)

कुल मृतक

10

केरल सरकार भी हुई सक्रिय

हमले में एक केरल निवासी नाविक की मौत की खबर मिलने के बाद केरल सरकार भी सक्रिय हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने NORKA विभाग को निर्देश दिए कि वह रूसी कॉन्सुलेट से संपर्क बनाए, विदेश मंत्रालय से लगातार समन्वय करे, मृतक और घायल भारतीयों के परिवारों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करे।

यूक्रेन के समुद्री मार्ग पर बढ़ा खतरा

ओडेसा बंदरगाह यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक केंद्रों में शामिल है। हाल के सप्ताहों में इस इलाके पर लगातार मिसाइल हमले हुए हैं। रूस लगातार उन समुद्री मार्गों को निशाना बना रहा है, जिनके जरिए यूक्रेन से अनाज और अन्य सामान दुनिया के कई देशों तक पहुंचता है।

Featured News

भारत का स्पष्ट संदेश

भारत ने एक बार फिर दोहराया कि, युद्ध के दौरान नागरिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में बाधा नहीं आनी चाहिए। निर्दोष नागरिकों को किसी भी संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्री सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है।

घटना की टाइमलाइन

तारीख

घटनाक्रम

19 जुलाई

MV Golden Leo ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ

रवाना होते समय

जहाज पर क्रूज मिसाइल से हमला

हमले के बाद

4 भारतीय समेत 10 लोगों की मौत

एक भारतीय घायल

अस्पताल में भर्ती

21 जुलाई

भारत ने रूस के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया

विदेश मंत्रालय

घटना पर कड़ा विरोध और नागरिक जहाजों की सुरक्षा की मांग दोहराई

यह घटना क्यों अहम है?

चार भारतीय नागरिकों की मौत ने रूस-यूक्रेन युद्ध को भारत के लिए भी गंभीर कूटनीतिक मुद्दा बना दिया है। भारत ने कहा कि युद्ध चाहे किसी भी पक्ष के बीच हो, लेकिन व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा, वैश्विक व्यापार मार्गों और युद्ध क्षेत्रों में नागरिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर नई बहस तेज होने की संभावना है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts