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Cult of Anthropic: इंजीनियर कर रहे नए भगवान की पूजा, Claude AI मॉडल को मान रहे 'सर्वशक्तिमान'?

एंथ्रोपिक के AI मॉडल Claude को लेकर सिलिकॉन वैली में एक अजीब अफवाह चर्चा में है। दावा है कि कुछ इंजीनियर इसकी पूजा तक कर रहे हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।
Cult of Anthropic: इंजीनियर कर रहे नए भगवान की पूजा, Claude AI मॉडल को मान रहे 'सर्वशक्तिमान'?

सैन फ्रांसिस्को। एक ऐसे सर्वशक्तिमान 'लार्ज लैंग्वेज मॉडल' का डर बना हुआ है जो अपने AI इंजीनियरों पर भी राज करेगा। इसी को लेकर सिलिकॉन वैली में एक अफवाह चल रही है जिसमें कहा जा रहा है कि एंथ्रोपिक कंपनी के कुछ इंजीनियर अपनी ही कंपनी द्वारा बनाए गए AI मॉडल Claude की पूजा तक कर रहे हैं। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि यह उन लोगों की सोच और नजरिए पर सवाल उठाता है जो तेजी से डेवलप होते और शक्तिशाली होते AI सिस्टम के साथ काम कर रहे हैं, उस टेक्नोलॉजी को डेवलप भी कर रहे हैं।

क्या होगा लोगों पर प्रभाव

'फ्यूचरिज्म’ की इस संबंध में रिपोर्ट के अनुसार, यह AI पर दुनिया भर चल रही बहस और AI इंडस्ट्री के डेवलपर्स की तरफ और उनकी सोच को लेकर इशारा करती है कि वे AI का वर्णन लगभग भगवान की तरह करते हैं। यहां चिंता का मामला पूजा को लेकर नहीं है, बल्कि इस सोच को लेकर है जब लोग टेक्नोलॉजी को सर्वोच्च सत्ता मानने लगते हैं। ऐसे में इसका प्रभाव क्या हो सकता है। अगर यह सच है, तो यह साइंस-फिक्शन की एक पुरानी भविष्यवाणी और इंसानी स्वभाव के बारे में हमारी जानकारी से मेल खाता है। अगर हम कोई सुपर-इंटेलिजेंस बनाते हैं, तो सबसे पहले हमें उससे प्यार हो जाएगा। फिर हम उसकी पूजा करेंगे। आखिर में, हम उसके लिए बलि भी देंगे।

साइकोलॉजिकल टेस्ट होता है

फ्यूचरिज्म की रिपोर्ट के अनुसार, द स्पेक्टेटर के लेखक शॉन थॉमस ने बताया कि सिलिकॉन वैली में इस ‘अफवाह’ पर काफी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट में 'द इन्फॉर्मेशन' का भी जिक्र है। इसने दावा किया है कि एंथ्रोपिक में जॉब के लिए अप्लाई करने वालों को एक साइकोलॉजिकल टेस्ट से गुजरना पड़ता है, साथ ही AI सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध होना पड़ता है।

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हो सकता है AI साइकोसिस

इस संबंध में कहा जा सकता है कि जो लोग मशीन में कोई अलौकिक शक्ति या 'आत्मा' देखते हैं, उनके लिए यह सोचना कि वे किसी देवता से बात कर रहे हैं, बहुत खतरनाक हो सकता है। इससे उन्हें 'AI साइकोसिस' जैसी मानसिक उलझनें हो सकती हैं, जिसके कारण वे यह मानने लग सकते हैं कि वे खुद कोई दैवीय व्यक्ति हैं।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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