'छल्लड़े छल्लड़े वाल...' गाने ने मचाया इंटरनेट पर धमाल, पाकिस्तानी लड़की की आवाज के दीवाने हुए भारत के लोग

‘छल्लड़े छल्लड़े वाल...’ ये गाना आपने भी सोशल मीडिया पर जरूर सुना होगा। इंस्टाग्राम रील्स से लेकर यूट्यूब तक, हर तरफ इस गाने की धूम मची हुई है। कोई इस पर रील बना रहा है, तो कोई इसकी धुन पर झूम रहा है। भारत और पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी यह गाना खूब पसंद किया जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने को किसने गाया है, इसकी आवाज के पीछे कौन है और आखिर यह इतना वायरल कैसे हुआ? इस गाने को अपनी आवाज देने वाली पाकिस्तानी लड़की का नाम शानज़े सियाल है। उन्होंने गायक मोहसिन लशारी के साथ मिलकर इसे गाया है। आइए जानते हैं इस वायरल गाने और इसकी गायिका की पूरी कहानी।
सोशल मीडिया पर क्यों छाया 'छल्लड़े छल्लड़े वाल'?
आजकल सोशल मीडिया पर कोई गाना कब वायरल हो जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। 'छल्लड़े छल्लड़े वाल' इसका एक बड़ा उदाहरण है। इस गाने के छोटे-छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जाने लगे। देखते ही देखते इस पर हजारों रील्स बनने लगीं और इसकी धुन लोगों की जुबान पर चढ़ गई। इस गाने की लोकप्रियता सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं रही। भारत में भी लोगों ने इसे खूब पसंद किया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसके वीडियो शेयर किए, तो कुछ ने इस पर मजेदार मीम्स भी बनाए। गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंस्टाग्राम पर इसके वीडियो को एक करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इस गाने को लेकर भारत और पाकिस्तान के यूजर्स के बीच मजेदार प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे पाकिस्तान की ओर से संगीत का नया 'हमला' तक कह दिया। वहीं, कई यूजर्स ने मजाक में लिखा कि क्रिकेट में भले ही मुकाबला हो, लेकिन संगीत की दुनिया में अच्छी आवाज का कोई मुकाबला नहीं है।
किसने गाया है 'छल्लड़े छल्लड़े वाल'?
इस वायरल गाने को पाकिस्तानी गायिका शानज़े सियाल और गायक मोहसिन लशारी ने मिलकर गाया है। शानज़े की आवाज और गाने के अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा। वहीं, मोहसिन लशारी ने भी अपनी गायकी से इस गाने को खास बनाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, यह कोई बिल्कुल नया गाना नहीं है। इसे पहले भी कई गायक अपनी आवाज दे चुके हैं। इनमें पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मियांवाली शहर में जन्मे गायक शफ़ाउल्लाह खान रोखड़ी का नाम भी शामिल है। शानज़े और मोहसिन ने इस पुराने गाने को अपने अंदाज में पेश किया, जिसके बाद यह एक बार फिर लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया। यह गाना सराइकी भाषा में है। सराइकी पाकिस्तान के कुछ इलाकों में बोली जाने वाली भाषा है। इसकी मिठास और गाने की धुन लोगों को काफी पसंद आ रही है। यही वजह है कि भाषा अलग होने के बावजूद कई लोग इसे सुन रहे हैं और इसकी धुन पर वीडियो बना रहे हैं।
कैसे वायरल हुआ यह गाना?
इस गाने के वायरल होने के पीछे सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका रही। मोहसिन लशारी अलग-अलग शौकिया गायकों के साथ वीडियो बनाते रहते हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात शानज़े सियाल से हुई। दोनों ने साथ मिलकर 'छल्लड़े छल्लड़े वाल' गाया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। शुरुआत में वीडियो को अच्छे व्यूज मिले, लेकिन असली लोकप्रियता तब मिली जब भारत में कुछ गायिकाओं ने भी इस गाने को अपने अंदाज में गाया और मूल गायकों को श्रेय दिया। इसके बाद गाना तेजी से वायरल होने लगा। पहले वीडियो में गाने का सिर्फ एक हिस्सा था। लोगों की दिलचस्पी बढ़ने के बाद मोहसिन के कहने पर इसका पूरा वीडियो भी शेयर किया गया। इसके बाद इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक पर इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई। देखते ही देखते यह गाना सोशल मीडिया के उन ट्रेंड्स में शामिल हो गया, जिनसे बच पाना मुश्किल हो जाता है।
कौन हैं शानज़े सियाल?
शानज़े सियाल का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। पाकिस्तान के मियां चन्नू शहर में उन्होंने एनेस्थिसियोलॉजी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह नौकरी की तलाश में लाहौर पहुंचीं। उस समय उन्होंने शायद ही सोचा होगा कि उनकी आवाज उन्हें इतनी बड़ी पहचान दिला देगी। शानज़े को बचपन से ही गाने का शौक था। लोग उनकी आवाज की तारीफ करते थे, लेकिन कुछ लोग यह भी कहते थे कि उन्हें लय और संगीत की समझ नहीं है। इन बातों से वह निराश भी हुईं। धीरे-धीरे पढ़ाई और दूसरी जिम्मेदारियों के कारण उनका गायकी से जुड़ाव कम हो गया। हालांकि, उन्होंने गाने का शौक पूरी तरह नहीं छोड़ा। स्कूल और कॉलेज के दिनों में वह नात गायन की तहसील और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में जीत भी हासिल कर चुकी थीं। बाद में मोहसिन लशारी के साथ गाने का मौका मिला, तो उनकी आवाज को एक नया मंच मिल गया।
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नौकरी की तलाश के बीच चमकी किस्मत
जब 'छल्लड़े छल्लड़े वाल' वायरल हुआ, उस समय शानज़े लाहौर में नौकरी तलाश रही थीं। वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म OLX पर अपने क्षेत्र से जुड़ी नौकरी के अवसर खोज रही थीं। उनके परिवार वाले चाहते थे कि वह वापस घर लौट आएं, लेकिन शानज़े कुछ हासिल करके ही लौटना चाहती थीं। इसी बीच उनके गाने को लोगों का प्यार मिलने लगा। अचानक सोशल मीडिया पर लोकप्रियता बढ़ने से शानज़े और मोहसिन दोनों हैरान रह गए। उनके इनबॉक्स में आम लोगों के साथ-साथ कई जानी-मानी हस्तियों के संदेश भी आने लगे। शानज़े ने बताया कि अब उनके हॉस्टल में भी लोग उन्हें पहचानने लगे हैं। कमरे के दरवाजे पर लोग यह पूछने पहुंच जाते हैं कि क्या यहां शानज़े रहती हैं। उनके साथ रहने वाली लड़कियां भी अब उनके साथ सेल्फी लेने लगी हैं।
अब गायकी में आगे बढ़ेंगे दोनों गायक
'छल्लड़े छल्लड़े वाल' की सफलता ने शानज़े और मोहसिन को गायकी में आगे बढ़ने का नया रास्ता दिखाया है। दोनों के मुताबिक, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका गाना इतनी बड़ी पहचान दिलाएगा। अब उन्हें रिकॉर्ड कंपनियों से गाने के प्रस्ताव मिल रहे हैं और उनके संगीत कार्यक्रम भी हो रहे हैं। शानज़े का कहना है कि उन्हें सराइकी भाषा में गाना पसंद है और वह अपने इसी अंदाज को आगे भी बनाए रखना चाहती हैं। वहीं, मोहसिन लशारी किसी संगीतकार परिवार से नहीं आते, लेकिन उन्होंने वरिष्ठ गायकों से सीखकर अपनी गायकी को बेहतर बनाया है। इस तरह नौकरी की तलाश कर रहीं शानज़े सियाल का एक गाना उन्हें सोशल मीडिया पर नई पहचान दिलाने में कामयाब रहा। 'छल्लड़े छल्लड़े वाल' की लोकप्रियता बताती है कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती। भाषा चाहे अलग हो, अगर आवाज और धुन लोगों के दिल को छू जाए, तो गाना कुछ ही दिनों में दुनिया भर में मशहूर हो सकता है।




















