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गुजरात के सरकारी स्कूलों में बिना इजाजत नहीं मिलेगी एंट्री, सरकार ने बदले नियम

गुजरात सरकार ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में जाने के लिए प्रधानाचार्य या संस्था प्रमुख की पहले से लिखित अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही स्कूल में प्रवेश से पहले विजिटर रजिस्टर में अपना विवरण दर्ज कराना भी अनिवार्य होगा।
गुजरात के सरकारी स्कूलों में बिना इजाजत नहीं मिलेगी एंट्री, सरकार ने बदले नियम
गुजरात के सरकारी स्कूलों में बिना इजाजत नहीं मिलेगी एंट्री

गुजरात के शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और बच्चों की सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए नया परिपत्र जारी किया है। इसके तहत कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों और खेल मैदानों में प्रवेश के लिए विशेष अनुमति जरूरी होगी। बिना अनुमति छात्रों की फोटो, वीडियो, इंटरव्यू या ऑडियो रिकॉर्डिंग नहीं की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस और शिक्षा विभाग को सूचना देकर कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, गरिमा, गोपनीयता और पढ़ाई के अनुकूल माहौल बनाए रखने पर जोर दिया है।

स्कूल में प्रवेश के लिए लिखित अनुमति जरूरी

गुजरात सरकार ने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग के परिपत्र के अनुसार, किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश करने से पहले प्रधानाचार्य या संस्था प्रमुख की लिखित अनुमति लेनी होगी। केवल उन सरकारी अधिकारियों को इस नियम से छूट मिलेगी, जिन्हें अपने आधिकारिक कर्तव्यों के पालन के लिए विधिवत अधिकृत किया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक आगंतुक को स्कूल में प्रवेश से पहले विजिटर रजिस्टर में अपना विवरण दर्ज कराना होगा।

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बच्चों की सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष जोर

परिपत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार In Loco Parentis यानी अभिभावक के समान उत्तरदायित्व के सिद्धांत के तहत सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा, गरिमा, गोपनीयता और कल्याण के लिए जिम्मेदार है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद-21 प्रत्येक बच्चे को जीवन और गरिमा के साथ गोपनीयता का अधिकार प्रदान करता है। सुप्रीम कोर्ट ने के. एस. पुट्टास्वामी (सेवानिवृत्त) बनाम भारत संघ मामले में गोपनीयता के अधिकार को अनुच्छेद-21 के तहत मौलिक अधिकार माना है। इसके अलावा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की विद्यालय सुरक्षा नीति और दिशानिर्देश भी बच्चों के लिए सुरक्षित, संरक्षित और बाल-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर देते हैं।

कक्षाओं और दूसरे क्षेत्रों में जाने के लिए भी अनुमति

नए नियमों के तहत कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रधानाचार्य या संस्था प्रमुख की पूर्व लिखित अनुमति के बिना कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, शौचालय या ऐसे किसी क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा, जहां छात्रों की गतिविधियां चल रही हों। ऐसे स्थानों पर प्रवेश के दौरान प्रधानाचार्य, स्कूल शिक्षक या अधिकृत स्कूल अधिकारी का साथ होना जरूरी होगा। इन निर्देशों का उद्देश्य स्कूलों में अनधिकृत आवाजाही को रोकना और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान अनावश्यक हस्तक्षेप रोकने में भी मदद मिलेगी।

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बिना अनुमति फोटो, वीडियो और इंटरव्यू पर रोक

परिपत्र के मुताबिक, प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना छात्रों, शिक्षकों या स्कूल की गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जा सकेगी। ऐसी गतिविधियों को केवल कानूनी उद्देश्यों के लिए ही मंजूरी दी जा सकेगी। स्कूल अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों की तस्वीरों, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी का ऐसा संग्रह, प्रकाशन या प्रसार न हो, जिससे उनकी गोपनीयता, गरिमा या सुरक्षा प्रभावित हो। किसी बच्चे की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने या उसकी पहचान और तस्वीर प्रकाशित करने के लिए भी निर्धारित नियमों और बच्चे के सर्वोत्तम हित का ध्यान रखना होगा।

नियम तोड़ने पर पुलिस और शिक्षा विभाग को दी जाएगी सूचना

अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करता है, परिसर छोड़ने से इनकार करता है, अनधिकृत फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करने की कोशिश करता है और स्कूल के कामकाज में बाधा डालता है, तो प्रधानाचार्य को तत्काल कार्रवाई करनी होगी। ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस के साथ जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी या तालुका प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को सूचित करना होगा। संबंधित अधिकारियों को लागू कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। इसके अलावा, प्रधानाचार्य ऐसे किसी भी आगंतुक को स्कूल में प्रवेश देने से मना कर सकते हैं, जिससे सुरक्षा, गोपनीयता, अनुशासन या शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने की आशंका हो।

निरीक्षण अधिकारियों को भी नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा

गुजरात सरकार ने सभी निरीक्षण अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्कूलों में जारी किए गए इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। प्रधानाचार्य या संस्था प्रमुख जरूरत पड़ने पर किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर छोड़ने का आदेश दे सकते हैं। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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