एशियन पैरा गेम्स में यूपी की बेटी ने जीता सिल्वर, सीएम योगी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वाति चौधरी की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उनकी सफलता देश के युवाओं को अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करेगी। प्रदेश में स्टेडियम, खेल प्रशिक्षण केंद्र, स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विश्वविद्यालय के जरिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि, आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी के अवसर देने पर भी जोर है। खेल नीति-2023 के तहत प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
स्वाति चौधरी की उपलब्धि पर सीएम योगी ने दी बधाई
एशियन पैरा गेम्स-2026 में तीरंदाजी की महिला W1 स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश की बेटी स्वाति चौधरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि स्वाति की सफलता भारत के अनगिनत युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने लिखा कि हम सभी को आप पर गर्व है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण पर सरकार का जोर
योगी सरकार के कार्यकाल में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। सरकार का जोर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने पर है। प्रदेश में स्टेडियम, बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, स्विमिंग पूल और सिंथेटिक कोर्ट जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराना है।
सभी 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर स्वीकृत
प्रदेश में स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक जनपद-एक खेल योजना के तहत सभी 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर स्वीकृत किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही खिलाड़ियों को खेल किट और जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि जिला स्तर पर ही युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए जरूरी सुविधाएं मिल सकें और उनकी प्रतिभा को सही दिशा दी जा सके।
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पांच स्पोर्ट्स कॉलेज में मिल रही प्रशिक्षण और शिक्षा की सुविधा
खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, फतेहपुर और सहारनपुर में पांच स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित हैं। इन कॉलेजों में 14 खेलों में प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा भी मिलती है, जिससे वे पढ़ाई के साथ खेलों में अपनी प्रतिभा निखार सकें। वहीं, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को खेल शिक्षा और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण को नई दिशा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी के अवसर
योगी सरकार ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की है। ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने पर छह करोड़, रजत पदक पर चार करोड़ और कांस्य पदक जीतने पर दो करोड़ रुपये देने का प्रावधान है। इसके अलावा लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कारों के जरिए उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता है। खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाने के लिए सरकारी नौकरियों में अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए राजपत्रित पदों पर नियुक्ति का प्रावधान है।
गांवों में खेल मैदान और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियमों का विस्तार
उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए खेल मैदानों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। गोरखपुर और वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों के निर्माण से प्रदेश में खेल बुनियादी ढांचे को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। खेल नीति-2023 के तहत सरकार का ध्यान प्रतिभाओं की पहचान करने, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर है। इन पहलों के जरिए प्रदेश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर देने और उत्तर प्रदेश को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है।




















