छात्र राजनीति से देश के गृह मंत्री तक, 62वें जन्मदिन पर जानिए अमित शाह की जिंदगी के बड़े पड़ाव और राजनीतिक उपलब्धियां!

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में हुआ था, लेकिन उनका बचपन गुजरात के मानसा में बीता। एक कारोबारी परिवार से आने वाले अमित शाह ने युवावस्था में कारोबार के साथ राजनीति में भी दिलचस्पी दिखाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ने के बाद उन्होंने छात्र संगठन और भारतीय जनता पार्टी में काम किया। धीरे-धीरे उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी, जिन्हें संगठन मजबूत करने और चुनावी रणनीति बनाने के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं उनके जीवन, परिवार और राजनीतिक सफर की कहानी।
मानसा में बीता बचपन, गुजरात में हुई पढ़ाई
अमित शाह का जन्म मुंबई में हुआ था। उनके पिता का नाम अनिलचंद्र शाह और माता का नाम कुसुमबेन शाह है। उनका परिवार गुजरात के मानसा से जुड़ा रहा है। अमित शाह ने शुरुआती पढ़ाई मानसा में की और बाद में अहमदाबाद आ गए। उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय में बीएससी की पढ़ाई की, युवावस्था में वह प्लास्टिक और PVC पाइप के कारोबार से भी जुड़े रहे। हालांकि, उनकी रुचि धीरे-धीरे सामाजिक गतिविधियों और राजनीति की ओर बढ़ने लगी।
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RSS से शुरुआत, फिर BJP में बढ़ी जिम्मेदारी
अमित शाह करीब 16 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। इसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में काम किया। 1987 में वह भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े और फिर BJP संगठन में जिम्मेदारियां संभालने लगे। अहमदाबाद में पार्टी के काम के दौरान उनका राजनीतिक अनुभव बढ़ा। संगठन के भीतर लगातार काम करने से उन्हें कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ने और चुनावी गतिविधियों को समझने का मौका मिला। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीतिक पहचान का अहम हिस्सा बना।
गुजरात की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे
1997 में अमित शाह गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने कई बार विधानसभा चुनाव जीते। 2002 में नरेंद्र मोदी की गुजरात सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। इस दौरान उन्होंने गृह विभाग सहित कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। गुजरात में काम करते हुए उनकी पहचान एक मजबूत संगठनकर्ता के रूप में बनी। नरेंद्र मोदी के साथ उनकी राजनीतिक साझेदारी भी इसी दौर में अधिक चर्चा में आई। दोनों ने गुजरात की राजनीति में लंबे समय तक साथ काम किया।
2014 में बने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष
2013 में अमित शाह को BJP का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में BJP के प्रदर्शन को उनकी बड़ी राजनीतिक सफलता माना गया। इसके बाद जुलाई 2014 में वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उनके नेतृत्व में BJP ने संगठन विस्तार और चुनाव प्रबंधन पर जोर दिया। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की। इसी वर्ष अमित शाह गांधीनगर से सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में शामिल हुए।
गृह मंत्री के रूप में लिए कई बड़े फैसले
30 मई 2019 को अमित शाह ने केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली और गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान हटाने, नागरिकता संशोधन कानून और तीन नए आपराधिक कानूनों जैसे बड़े फैसले हुए। इन कदमों पर देश में समर्थन और विरोध, दोनों देखने को मिले। 2021 में उन्हें केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। 2024 में तीसरी मोदी सरकार बनने के बाद भी वह गृह मंत्री बने रहे।
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परिवार, क्रिकेट और पढ़ने का शौक
अमित शाह की पत्नी का नाम सोनल शाह है और उनके बेटे जय शाह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष हैं। अमित शाह को इतिहास और साहित्य पढ़ने में रुचि है। वह क्रिकेट और शतरंज से भी जुड़े रहे हैं। गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने काम किया। उनके राजनीतिक जीवन में उपलब्धियों के साथ विवाद भी रहे हैं, छात्र संगठन से शुरू हुआ उनका सफर आज देश के गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी तक पहुंच चुका है।




















