सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा: दिग्विजय सिंह को किसानों ने बताई खाद-बिजली की समस्या, आलू के कम दाम से लागत निकालना भी मुश्किल

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान आम लोगों से सीधे संवाद का सिलसिला जारी है। गुरुवार को यात्रा तराना के पास थी। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह सड़क किनारे खेतों में आलू की बुवाई कर रहे किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने खाद की किल्लत, बिजली की समस्या और आलू की फसल का उचित दाम नहीं मिलने से हो रही परेशानियों से उन्हें अवगत कराया।
खाद के लिए टोकन, बिजली की समस्या से खेती प्रभावित
किसानों ने बताया कि आलू की बुवाई के समय खाद समय पर नहीं मिल रहा है। टोकन के आधार पर खाद मिलने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बिजली की समस्या भी खेती के काम को प्रभावित कर रही है। किसानों ने आलू की पिछली फसल का जिक्र करते हुए बताया कि बाजार में कम दाम मिलने से उनकी लागत तक नहीं निकल पाई। कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने के बावजूद उन्हें इतना कम भाव मिला कि भंडारण का किराया तक नहीं निकल सका।
किसान बोले- खाद की भी चोरी हो रही है
इस दौरान एक किसान ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि देश में वोट चोरी और चंदा चोरी के साथ खाद की भी चोरी हो रही है। किसान ने दिग्विजय सिंह से कहा कि आप हमारी भी आवाज हैं। किसानों की समस्याओं को सुनने के साथ दिग्विजय सिंह ने इस मुलाकात को धरती माता, माता सीता और अन्नदाता किसान के सम्मान से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी साझा की।
धरती माता और अन्नदाता के सम्मान पर दिया जोर
दिग्विजय सिंह ने लिखा, "जगतनंदिनी माता सीता भूमिजा थीं, जिनका प्राकट्य धरती माता की कोख से हुआ था। यह हमें स्मरण कराता है कि हमारी भूमि केवल अन्न ही नहीं, आस्था और संस्कृति की भी जननी है। किसान इसी पवित्र धरती का सेवक और अन्नदाता है। जिस धर्म में धरती माता है, माता सीता भूमिजा हैं और अन्नदाता किसान पूज्यनीय हैं, उस धर्म में मिट्टी का सम्मान और किसान का स्वाभिमान सर्वोपरि होना चाहिए।"

महाकाल से शुरू हुई यात्रा अयोध्या में होगी पूरी
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान किसानों से यह संवाद ऐसे समय में हुआ है, जब खाद की उपलब्धता, बिजली और फसलों के उचित दाम जैसे मुद्दे किसानों के लिए चुनौती बने हुए हैं। यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह लगातार रास्ते में लोगों से मिल रहे हैं और उनकी बात सुन रहे हैं। विजयादशमी के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई यह यात्रा अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के साथ पूरी होगी। यात्रा में साधु-संतों और आम लोगों की भागीदारी के बीच दिग्विजय सिंह का विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद भी जारी है।
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