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दिल्ली ब्लास्ट का महू कनेक्शन – जीएसआईटीएस से की थी इंजीनियरिंग जवाद ने , मुनीम का था अंडरवर्ल्ड कनेक्शन  

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जीएसआईटीएस से की थी इंजीनियरिंग जवाद ने  , मुनीम का था अंडरवर्ल्ड कनेक्शन   
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर – दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट के तार जब मध्यप्रदेश के महू से जुड़े, तो अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के संचालक जवाद अहमद सिद्दीकी का नाम सामने आया। बताया जाता है कि जवाद ने अल-फलाह ट्रस्ट की स्थापना की थी और एक चिट फंड कंपनी भी संचालित करता था। धोखाधड़ी के आरोप लगने के बाद वह परिवार सहित फरार हो गया। जवाद ने इंदौर के प्रतिष्ठित गोविंदराम सेकसरिया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (जीएसआईटीएस) से बीटेक किया था। इससे पहले वह महू के क्रिश्चियन मिशनरी स्कूल राजेश्वर विद्यालय से 11वीं तक पढ़ा था। उसकी प्रवृत्ति कट्टर धार्मिक बताई जाती है। उसने सिविल सर्विसेज परीक्षा में तीन बार इंटरव्यू तक दिया, लेकिन चयन नहीं हो सका।करीब 1993 में जवाद के फरार होने के बाद उसके मुनीम ने महू में रहते हुए बोन क्रेशर प्लांट शुरू कर लिया था।

     

    खालिक की सुपारी छोटा राजन को मिली

    सूत्रों के अनुसार, जवाद का मुनीम खालिक बाउजी भी जल्द अमीर बनने के चक्कर में उसी की राह पर चल पड़ा। पहले उसने बोन क्रेशर प्लांट लगाया, फिर गोल्डन पब्लिक स्कूल खोला। कुछ समय बाद उसने इंदौर में एक शोरूम और नवनीत टॉवर में अल-हिलाल इन्वेस्टमेंट कंपनी शुरू की, जिससे वह तेजी से पैसा कमाने लगा। बताया जाता है कि 1990 के आसपास खालिक की सुपारी छोटा राजन को मिली, जिसके बाद छोटा राजन ने खालिक को किडनैप कर लिया था। बाद में पुलिस ने उसे छुड़वाया, लेकिन जवाद के इस मुनीम पर कई आपराधिक आरोप लगे और उसे जेल भी जाना पड़ा। वर्तमान में वह मंडलेश्वर के पास किसी गुप्त स्थान पर रह रहा है।

     

    अल-फलाह यूनिवर्सिटी में तीन कॉलेज और 600 बेड का अस्पताल

    जानकारी के अनुसार, जिस यूनिवर्सिटी में डॉक्टर बनने की पढ़ाई होती थी, वहीं आतंकियों को ट्रेनिंग देने की भी गतिविधियाँ चलती थीं। यह यूनिवर्सिटी ऐसे परिसर में बनी है, जहाँ तीन अलग-अलग संस्थान कार्यरत हैं —

    1. अल-फलाह स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी
    2. ब्राउन हिल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी
    3. अल-फलाह स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग

    इसी परिसर में जवाद ने 600 बिस्तरों वाला अस्पताल भी बना रखा था, जहाँ कॉलेज में पढ़ने वाले डॉक्टर ही इलाज करते थे। वर्ष 2015 में यूजीसी द्वारा इस संस्थान को मान्यता प्रदान की गई थी।

     

    तीन बार सिविल सर्विस इंटरव्यू देने वाला जवाद अब फरार

    दिल्ली कार धमाके के बाद सामने आए अल-फलाह विश्वविद्यालय के ट्रस्ट की नींव महू नगर में रखी गई थी। यहां के निवासी जवाद अहमद सिद्दीकी के फरार होने के बाद पुलिस ने स्थानीय कायस्थ मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में उसके परिवार के बारे में पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जवाद ने इंदौर में लंबे समय तक शिक्षण कार्य भी किया था। उसके एक पूर्व विद्यार्थी के अनुसार, वह जीएसआईटीएस से बीटेक पास था और अत्यंत धार्मिक स्वभाव का था। सिविल सर्विस परीक्षा में तीन बार इंटरव्यू देने की जानकारी भी सामने आई है।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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