भोपाल :आदिवासी जीवन पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव, सीएम ने कहा- सामाजिक संस्थाओं के सहयोग के बिना सुधार असंभव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि देश में सबसे अधिक आदिवासी समाज मध्यप्रदेश में रहता है। वे आगे बोले कि सरकारी कामों के साथ जब तक सामाजिक संस्थाएं नहीं खड़ी होती है तब तक उसमें बेहतर सुधार नहीं आता है। सामाजिक क्षेत्रों के लोगों के काम करने के बाद सरकार को सामाजिक कठिनाइयों की जानकारी मिलती है।
CM : आदिवासी समाज अपने आप में अद्भूत
बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के पहले राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि आदिवासी समाज के लोग अल्हड़ और मस्ती से जीवन जीते हैं। इस समाज के लोग जिस तरह से अपनी जीवन शैली से जीते हैं, वह अपने आप में अद्भूत है। आगे वे बोले कि आदिवासी अंचलों में अलग-अलग काम हो रहे हैं। एनजीओ आदिवासी समाज के लिए जो काम कर रहे हैं, उसमें सरकार सबके साथ खड़ी है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, वन अधिकार पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजाति कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और मध्यप्रदेश जनजाति कार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जनजाति कल्याण के लिए कार्य कर रहे अशासकीय संगठनों की नेशनल कॉन्क्लेव की शुरुआत की। जहां कॉनक्लेव में आदिवासी समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार, शासन, प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर एक्सपर्ट्स अपने-अपने विचार रखेंगे। इसमें आदिवासी समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण में शैक्षिक संगठनों की भूमिका, चुनौतियां एवं मुद्दे साथ ही वर्तमान में शिक्षा का स्तर, समग्र शिक्षा में शैक्षिक संगठनों की भूमिका पर विशेष चर्चा होगी।











