गवर्नमेंट प्रेस भी डिफॉल्टर...CGST ने थमाया नोटिस, करोड़ों रुपए का टैक्स बकाया 

अमानत में खयानत : कस्टमर्स से टैक्स वसूला, CGST में जमा नहीं किया
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गवर्नमेंट प्रेस भी डिफॉल्टर...CGST ने थमाया नोटिस, करोड़ों रुपए का टैक्स बकाया 
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव सोनी, भोपाल। मध्यप्रदेश का शासकीय केंद्रीय मुद्रणालय (गवर्नमेंट प्रेस) भी टैक्स जमा नहीं करने पर डिफॉल्टर की श्रेणी में शामिल हो गया। सीजीएसटी एवं सेंट्रल एक्साइज विभाग ने गवर्नमेंट प्रेस को कई पत्र और नोटिस भेजे लेकिन टैक्स की राशि जमा नहीं की गई। सेंट्रल एक्साइज ने अपनी जांच में पाया कि गवर्नमेंट प्रेस ने अपने कस्टमर्स से जीएसटी की रकम तो जमा करा ली लेकिन उसे केंद्र सरकार के खजाने में जमा नहीं कराया। वर्ष 2017 से लेकर 2021 तक की राशि पैंडिंग है। सीजीएसटी ने 3.78 करोड़ रुपए के टैक्स पर 100 फीसदी पेनल्टी और ब्याज की डिमांड निकाली है। इसके एवज में गवर्नमेंट प्रेस ने करीब 2.64 करोड़ रुपए ही जमा कराए हैं। 

    चार साल में कई नोटिस, टैक्स जमा नहीं

    गवर्नमेंट प्रेस में प्रदेश के सभी सरकारी विभागों, विधानसभा, नगर निगम, विभिन्न कॉर्पोरेशन, आयोग और प्राधिकरण आदि की स्टेशनरी का प्रकाशन होता है। सीजीएसटी एवं सेंट्रल एक्साइज विभाग द्वारा पिछले चार वर्षों के दौरान शासकीय केंद्रीय मुद्रणालय को टैक्स जमा कराने के संबंध में कई बार पत्र और नोटिस भी भेजे लेकिन राशि जमा नहीं हुई। 

    सिर्फ 2.64 करोड़ रुपए जमा किए

    गवर्नमेंट प्रेस ने कुल सीजीएसटी राशि 3,78,89,810 रु के बदले करीब 2.64 करोड़ रु जमा कराई। टैक्स की राशि करीब 1.14 करोड़ बाकी निकल रही है। समय पर टैक्स जमा नहीं होने पर 3.78 करोड़ रुपए का 100% जुर्माना और उस पर ब्याज भी जुड़ गया। 

    12 से 18 फीसदी है जीएसटी

    गवर्नमेंट प्रेस,  प्रदेश के सभी सरकारी विभागों, कॉर्पोरेशन, विधानसभा सचिवालय सहित अन्य विभागों के गोपनीय दस्तावेज, विभागीय प्रतिवेदन, सीएजी रिपोट्र्स, कैलेंडर्स, डायरी, विजिटिंग कार्ड सहित अन्य स्टेशनरी प्रकाशित करता है। स्टेशनरी प्रकाशन पर 12 से 18 फीसदी तक जीएसटी वसूला जाता है। बताया जाता है कि गवर्नमेंट प्रेस ने कई विभागों से जीएसटी की राशि वसूली लेकिन सरकार के खजाने में जमा नहीं कराई। इस वजह से वह डिफाल्टर की श्रेणी में शामिल हो गया। 

    टैक्स व पेनल्टी के लिए आदेश जारी 

    सेंट्रल एक्साइज और सीजीएसटी के जॉइंट कमिश्नर योगेश यादव ने कहा कि गवर्नमेंट प्रेस एंड प्रिटिंग स्टेशनरी को सीजीएसटी की डिमांड राशि, पेनल्टी और ब्याज भुगतान के लिए आदेश जारी किया गया है। 2017 से 2021 का प्रकरण है। कुछ राशि जमा कराई गई लेकिन अभी टैक्स वसूली बाकी है। 

    विधि विशेषज्ञ की राय मांगी

    गवर्नमेंट प्रेस के कंट्रोलर चंद्रशेखर वालिम्बे का कहना है कि टैक्स जमा कराने और अपील आदि के बारे में हमने विधि विशेषज्ञ से संपर्क किया है। सीजीएसटी एवं सेंट्रल एक्साइज के समक्ष हम फिर से रिप्रेजेंटेशन की तैयारी में हैं।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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