गरियाबंद में सरपंच संघ ने दी प्रशासन को 7 दिनों का दिया अल्टीमेटम,पंचायत की लंबित भुगतान नहीं तो कलेक्ट्रेट का घेराव

रायपुर/गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पंचायतों की लंबित राशि और भुगतान में देरी को लेकर सरपंच संघ ने मोर्चा खोल दिया है। 16वें वित्त आयोग और मूलभूत मद की राशि जारी करने सहित लंबित भुगतान की मांग को लेकर संघ ने जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। सरपंच संघ ने संबंधित मांगों पर कार्रवाई के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। मांगें पूरी नहीं होने पर कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत का घेराव करने की चेतावनी दी गई है।
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सात दिन का अल्टीमेटम, फिर आंदोलन की तैयारी
सरपंच संघ ने स्पष्ट किया है कि पंचायतों की लंबित राशि का भुगतान निर्धारित समय में किया जाना चाहिए। संघ के मुताबिक, लंबे समय से राशि अटकी होने के कारण पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में परेशानी हो रही है। यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो जिलेभर के सरपंच आंदोलन के लिए उतरेंगे।
16वें वित्त आयोग और मूलभूत मद की राशि जारी करने की मांग
संघ ने 16वें वित्त आयोग और मूलभूत मद से संबंधित राशि जारी करने के साथ पंचायतों के अन्य लंबित भुगतानों का मुद्दा उठाया है। सरपंचों की मांग है कि पंचायतों को मिलने वाली राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य प्रभावित न हों।
मूल्यांकन और सत्यापन के बाद भी फाइलें लंबित
सरपंच संघ का कहना है कि कई मामलों में कार्यों का मूल्यांकन और सत्यापन पूरा होने के बाद भी भुगतान से जुड़ी फाइलें लंबित हैं। संघ ने ऐसी फाइलों पर शीघ्र कार्रवाई कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है। हालांकि, लंबित मामलों की कुल संख्या और बकाया राशि का विस्तृत आंकड़ा ज्ञापन संबंधी उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
जिला पंचायत और प्रशासन के सामने रखी मांगें
लंबित भुगतान और राशि जारी करने की मांग को लेकर सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। अब संघ की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर है। एक सप्ताह के भीतर मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
अब प्रशासन के फैसले पर टिकी नजरें
गरियाबंद में पंचायतों की लंबित राशि का मामला अब आंदोलन की चेतावनी तक पहुंच गया है। यदि तय समयसीमा में भुगतान और लंबित फाइलों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत के घेराव का मुद्दा गरमा सकता है। फिलहाल, सरपंच संघ की मांगों पर प्रशासन की ओर से होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।




















