रायगढ़ में 50 साल से गांव में रह रहे ग्रामीणों को नहीं मिला आबादी पट्टा,पट्टे की माग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

रायपुर/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर के नजदीक स्थित ग्राम पंचायत जुड्डा के आश्रित ग्राम कलमीडीपा में आबादी पट्टे का मुद्दा सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 50 वर्षों से गांव में निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक कई परिवारों को आबादी पट्टा नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर प्रभावित ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए लिखित आवेदन सौंपा।
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पट्टा वितरण की प्रक्रिया बंद होने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, राजस्व विभाग की कथित लापरवाही के कारण गांव के अनेक लोगों को अब तक आबादी पट्टा नहीं मिल सका है। उनका कहना है कि शुरुआत में कुछ लोगों को पट्टे वितरित किए गए थे, लेकिन इसके बाद पट्टा बनाने और वितरण की प्रक्रिया बंद हो गई। इससे शेष परिवार लंबे समय से अपने अधिकार से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
कलेक्टर से जल्द निर्णय लेने की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्टर रायगढ़ से उनके आवेदन पर गंभीरता से विचार करने और नियमानुसार उचित निर्णय लेने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि पात्र परिवारों को जल्द से जल्द आबादी पट्टा प्रदान किया जाए, जिससे उनके निवास को स्थायी दस्तावेजी पहचान मिल सके।
स्थायी पहचान के लिए ग्रामीणों की गुहार
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से गांव में रहने के बावजूद पट्टा नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब उनकी उम्मीद जिला प्रशासन पर टिकी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच कर पात्र परिवारों के पट्टे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
ग्राम कलमीडीपा के प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन देकर आबादी पट्टे की मांग उठाई है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन मामले की जांच कर पात्र परिवारों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाता है। प्रशासन की ओर से किसी निर्णय या आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।




















