सऊदी अरब में फंसे 100 से ज्यादा कश्मीरी उमराह यात्री, घर वापसी के लिए चुकाने पड़ सकते हैं 1 लाख रुपये

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब में 100 से ज्यादा कश्मीरी उमराह यात्री फंस गए हैं। उड़ानें रद्द होने और हवाई टिकटों के किराये में भारी बढ़ोतरी के कारण उनके लिए भारत लौटना मुश्किल हो गया है। यात्रियों के मुताबिक, जेद्दा से दुबई, मस्कट या कुवैत के रास्ते वापसी का किराया प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। इस बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से बात करने की बात कही है।
इंडिगो की उड़ान रद्द होने से 36 यात्री नहीं लौट सके
जानकारी के मुताबिक, उमराह यात्रियों का 50 सदस्यीय एक समूह 25 सितंबर को श्रीनगर से रवाना हुआ था। इस समूह की वापसी के लिए 13 अक्टूबर को इंडिगो की उड़ान निर्धारित थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के कारण 36 यात्री भारत नहीं लौट सके। बाकी 14 यात्रियों ने अपने लिए दूसरी उड़ानों की व्यवस्था की और कुछ दिन पहले दुबई के रास्ते भारत पहुंच गए। समूह के सदस्य वकार मीर ने बताया कि जेद्दा से दुबई, मस्कट या कुवैत के रास्ते भारत आने के लिए प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे में यात्री रहने और खाने-पीने का खर्च उठाने के लिए एक-दूसरे से पैसे उधार ले रहे हैं।
दवाइयों की कमी और मानसिक परेशानी बढ़ी
लंबे समय से वापसी का इंतजार कर रहे यात्रियों के सामने आर्थिक संकट के साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी खड़ी हो गई हैं। वकार मीर के मुताबिक, सऊदी अरब में दवाइयां महंगी हैं और उन्हें खरीदने के लिए कई बार स्थानीय डॉक्टर का पर्चा जरूरी होता है। समूह के कुछ बुजुर्ग यात्रियों की जरूरी दवाइयां भी खत्म होने वाली हैं। उन्होंने बताया कि कई यात्रियों को चिंता और घबराहट की समस्या हो रही है। कुछ लोग गंभीर मानसिक परेशानी से भी गुजर रहे हैं। यात्रियों ने जल्द से जल्द भारत वापस लाने की अपील की है।
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उमर अब्दुल्ला बोले- जरूरत पड़ी तो अपने संसाधनों से लाएंगे वापस
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि दुनिया के कई अन्य हिस्सों से आए उमराह यात्रियों को भी ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उड़ानें पूरी तरह बंद नहीं हुई हैं, लेकिन किराया इतना बढ़ गया है कि यात्री इसे वहन नहीं कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार इस मामले को विदेश मंत्रालय के सामने उठाएगी। यदि मंत्रालय के पास यात्रियों को वापस लाने के लिए पर्याप्त धन नहीं हुआ, तो केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अपने संसाधनों से उनकी वापसी की व्यवस्था करेगा।
टूर ऑपरेटर और दूतावास की जिम्मेदारी को लेकर असमंजस
यात्रियों के मुताबिक, टूर ऑपरेटर ने उड़ान रद्द होने को 'दैवीय आपदा' बताते हुए उनकी मदद करने में असमर्थता जताई है। वहीं, भारतीय दूतावास की ओर से उन्हें बताया गया कि उनकी वापसी की जिम्मेदारी टूर ऑपरेटर की है। यात्रियों को सऊदिया, फ्लाइनास और एमिरेट्स जैसी एयरलाइंस की उड़ानों से लौटने के विकल्पों पर विचार करने का सुझाव दिया गया है। इनमें कुछ उड़ानें पड़ोसी देशों के रास्ते भारत पहुंचने की हैं।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 3 हजार उमराह यात्री लौट चुके हैं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को बताया था कि पिछले एक सप्ताह में सऊदी अरब में फंसे करीब 3 हजार उमराह यात्री भारत लौट चुके हैं। इसके अलावा, पहले से टिकट बुक करा चुके 10 हजार से ज्यादा अन्य यात्री भी वापस आ गए हैं। उन्होंने कहा कि बाकी यात्रियों की वापसी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारतीय नागरिकों की मदद के लिए 24 घंटे संचालित होने वाले नियंत्रण कक्ष भी बनाए गए हैं। वहीं, सऊदिया ने दम्माम, जेद्दा और मदीना से भारत के लिए अपनी निर्धारित उड़ानें जारी रखी हैं।




















