देवास के दो गांवों में 20 दिन में 13 मौतें, जहरीली शराब के आरोपों से मचा हड़कंप; जीतू पटवारी-अरुण यादव ने सरकार को घेरा

भोपाल/देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों का मामला गरमा गया है। महज 20 दिनों के भीतर दोनों गांवों में 13 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इन लोगों की जान जहरीली और मिलावटी शराब पीने से गई। इन आरोपों के बाद क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस नेताओं जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।
चार दोस्तों की मौत हुई, कई की आंखों की रोशनी गई
ग्रामीणों के अनुसार, 15 अक्टूबर को चंदाना के चार दोस्त दीपक, जितेंद्र, ओमप्रकाश और भीमा एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। दावा है कि अगले दिन चारों की मौत हो गई। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने और अस्पताल में इलाज चलने की बात भी सामने आई है।ग्रामीणों का आरोप है कि चंदाना में विनोद जायसवाल और विष्णु जायसवाल से कुछ लोग शराब खरीदते थे। दोनों के फिलहाल फरार होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में कथित तौर पर डायरी सिस्टम के जरिए शराब बेची जाती थी, जिसमें उधार बिक्री का हिसाब रखा जाता था।
प्रशासन ने जहरीली शराब के दावे नकारे
देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह और एसडीएम अभिषेक शर्मा ने जहरीली शराब से मौत होने की बात को खारिज किया है। आबकारी कमिश्नर दीपक सक्सेना के मुताबिक, शुरुआती जांच में जब्त शराब में कोई जहरीला तत्व नहीं मिला। सक्सेना के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक शराब सेवन के कारण मल्टीपल ऑर्गन फेलियर की बात सामने आई है। दूसरी ओर, परिजन अपने आरोपों पर कायम हैं।
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जीतू पटवारी और अरुण यादव पहुंचे देवास, मृतकों के परिजनों से मिले
20 दिन में 13 मौतों का मामला सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव देवास पहुंचे। जीतू पटवारी ने मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि देवास जिले में जहरीली शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं! आज ग्राम #चंदाना पहुंचकर अपनों को खो चुके परिवारों से मुलाकात की और उनके दुख-दर्द को करीब से जाना। इन परिवारों की आंखों में आंसू हैं और मन में एक ही सवाल, जब जहरीली शराब की शिकायतें पहले से थीं, तो सरकार ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की ? वहीं अरुण यादव ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
तीन महीने में तीसरी बार शराब से मौत का मामला
देवास की घटना ने प्रदेश में हाल के महीनों में सामने आए अन्य मामलों की याद भी ताजा कर दी है। इससे पहले अगस्त में गुजरात के भावनगर में 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया था, जिसका संबंध मध्य प्रदेश से जोड़ा गया था। इसके बाद सितंबर में सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में करीब 22 लोगों की मौत हो गई थी। अब अक्टूबर में देवास की घटनाओं के बाद अवैध शराब की बिक्री पर निगरानी और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।




















