महासमुंद में आदिवासी समाज का बड़ा प्रदर्शन, पूर्व विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह पर ₹1 करोड़ से अधिक के गबन का आरोप, कलेक्ट्रेट का घेराव

रायपुर/महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद में आदिवासी समाज ने एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय गोंड समाज 18 गढ़ के बैनर तले हजारों महिला-पुरुष अटल परिसर में एकत्र हुए और रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने बसना विधानसभा के पूर्व विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह पर समाज की राशि के गबन का आरोप लगाते हुए जांच, एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की। प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बावजूद नाराज प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के सामने चक्काजाम कर दिया।
महासमुंद में आदिवासी समाज का शक्ति प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली
महासमुंद जिला मुख्यालय में आदिवासी समाज के प्रदर्शन से माहौल गरमा गया। अखिल भारतीय गोंड समाज 18 गढ़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अटल परिसर में एकत्र हुए। यहां सभा के बाद रैली निकाली गई, जो कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन में बदल गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और मामले में जल्द कार्रवाई की मांग उठाई।

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पूर्व विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह पर एक करोड़ से अधिक के गबन का आरोप
प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने बसना विधानसभा के पूर्व विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह पर समाज की राशि में एक करोड़ रुपये से अधिक के कथित गबन का आरोप लगाया। समाज का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन की जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपों की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। गबन के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन्हें फिलहाल समाज की ओर से लगाए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई का आग्रह
प्रदर्शनकारी मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना है कि शिकायतों के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से समाज में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कदम उठाने की मांग की।

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पहले भी एसपी से की थी शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
समाज की ओर से दिए गए ज्ञापन के मुताबिक, इस मामले में पहले भी पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर जांच की मांग की गई थी। समाज के पदाधिकारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से प्रदर्शन कर अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा।
आश्वासन से नहीं माने प्रदर्शनकारी, कलेक्ट्रेट के सामने चक्काजाम
जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही गई। हालांकि, इससे प्रदर्शनकारियों की नाराजगी दूर नहीं हुई। इसके बाद लोगों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान समाज ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है।

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आंदोलन जारी रखने की चेतावनी, अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
आदिवासी समाज ने चेतावनी दी है कि मामले में उनकी प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन जारी रहेगा। अब इस मामले में प्रशासन और पुलिस की जांच, शिकायत पर की जाने वाली कार्रवाई तथा संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, पूर्व विधायक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और उनका पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




















