टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: मीडिया की खबरों से हमलावरों तक पहुंच रही थी जांच की जानकारी, हैंडलर दे रहे थे निर्देश

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के बाद फरार हुए तीनों आरोपियों को उनके हैंडलर समाचार चैनलों पर प्रसारित खबरों के जरिए पुलिस जांच की पल-पल की जानकारी दे रहे थे। मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, इस जानकारी की मदद से आरोपी बार-बार अपने भागने के रास्ते और परिवहन के साधन बदल रहे थे। पुलिस का दावा है कि हैंडलर एन्क्रिप्टेड वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) मैसेजिंग ऐप के जरिए हमलावरों से संपर्क में थे। 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी हुई थी। घटना के बाद फरार हुए तीनों मुख्य आरोपियों को 19 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा में एक ट्रेन से पकड़ा गया। वे फिलहाल 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में हैं। मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच हथियारों की सप्लाई और आरोपियों को मदद पहुंचाने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है।
टीवी पर हमले की खबर चली तो फोन पर मिला भागने का निर्देश
पुलिस सूत्रों के मुताबिक फरारी के दौरान जब समाचार चैनलों पर हमले से जुड़े दृश्य प्रसारित किए गए, तब मुख्य संदिग्धों में से एक को मोबाइल फोन पर तत्काल निर्देश मिला। कथित तौर पर उससे कहा गया, तुम्हारे चेहरे आ गए हैं, वहां से निकल जाओ। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अज्ञात हैंडलर मीडिया में प्रसारित खबरों पर नजर रख रहे थे और उनसे मिलने वाली जानकारी तुरंत आरोपियों तक पहुंचा रहे थे। इससे उन्हें पुलिस की कार्रवाई और अपनी पहचान उजागर होने की आशंका के बारे में लगातार जानकारी मिल रही थी। हालांकि हैंडलरों की पहचान और आरोपियों तक जानकारी पहुंचाने के पूरे नेटवर्क को लेकर जांच जारी है।
बाइक से ट्रेन और कैब तक बदले सफर के साधन
पुलिस सूत्रों के अनुसार हमलावरों की मोटरसाइकिल अंधेरी में बरामद होने और उनकी ट्रेन यात्रा से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद कथित हैंडलर उन्हें लगातार निर्देश दे रहे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी वजह से तीनों आरोपियों ने फरारी के दौरान कई बार परिवहन के साधन बदले। सूत्रों के मुताबिक आरोपी पहले मोटरसाइकिल से निकले, फिर ट्रेन और कैब से सफर किया। इसके बाद उनकी योजना सूरत से बस में सवार होने की थी। हालांकि सूरत बस टर्मिनल पर देरी होने के कारण उन्हें आखिरकार दूसरी ट्रेन में सवार होना पड़ा। मुंबई पुलिस से समय पर सूचना मिलने के बाद राजस्थान की कोटा पुलिस ने ट्रेन में तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
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फूल सिंह, रेहान अंसारी और रितिक महतो मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, मामले में पकड़े गए तीन मुख्य आरोपियों की पहचान फूल सिंह (18), रेहान रहीसुद्दीन अंसारी (18) और रितिक महतो (22) के रूप में हुई है। तीनों को 19 अक्टूबर को कोटा में ट्रेन से गिरफ्तार किया गया था। गोलीबारी के बाद जांच कई राज्यों तक पहुंची। पुलिस ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से 10 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के संपर्कों, उनकी फरारी में मदद करने वालों और हमले से पहले की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ रही हैं।
हथियारों की खरीद और सप्लाई नेटवर्क की जांच
मुंबई क्राइम ब्रांच आरोपियों से हिरासत में पूछताछ कर रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू हमले में इस्तेमाल हथियारों की खरीद और सप्लाई की पूरी कड़ी का पता लगाना है। पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपियों को हथियारों के अलावा ठहरने, आने-जाने या फरारी के दौरान अन्य किस तरह की मदद उपलब्ध कराई गई। 18 अक्टूबर को हुई गोलीबारी में टाइगर श्रॉफ के चालक और एक ब्लॉगर को चोटें आई थीं। घटना के बाद पुलिस ने कई राज्यों में आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
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अनिल पंडित को बनाया गया वांछित आरोपी
मुंबई पुलिस ने गैंगस्टर अनिल पंडित को भी इस मामले में वांछित आरोपी बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। उसे कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा बताया गया है।




















