Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

डीआरएम ऑफिस से रेलवे अस्पताल तक दिखाया "सपना"- टीटीई की नौकरी के नाम पर 18.50 लाख ठगे

डीआरएम कार्यालय में मुलाकात, रेलवे अस्पताल में मेडिकल और पटना-आसनसोल में ट्रेनिंग का दिखाया भरोसा; कोर्ट के आदेश पर पांच पर केस दर्ज
डीआरएम ऑफिस से रेलवे अस्पताल तक दिखाया "सपना"- टीटीई की नौकरी के नाम पर 18.50 लाख ठगे
प्रतीकात्मक चित्र

इंदौर। रेलवे में टीटीई की नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एक चूड़ी कारोबारी से करीब 18 लाख 50 हजार रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। ठगी करने वालों ने युवक को अपने जाल में इस तरह फंसाया कि उसे रेलवे के दिल्ली स्थित डीआरएम कार्यालय तक ले जाया गया। इसके बाद मेडिकल के नाम पर रेलवे अस्पताल पहुंचाया और फिर पटना व आसनसोल में कथित तौर पर ट्रेनिंग भी कराई गई। जब युवक को पूरे मामले की हकीकत पता चली तो उसके होश उड़ गए। मामले में पीड़ित विकास की शिकायत पर अदालत के आदेश से हातोद पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों में अरविंद यादव, सुमन यादव, अभिजीत साहू, शिवानी और माधव बागड़ी के नाम शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ये भी पढ़ें: बाढ़, आंधी और बारिश का अटैक! 14 राज्यों में तूफानी बारिश, 80 KM की रफ्तार से हवाएं, कई राज्यों में अलर्ट जारी

शादी के बाद दिया रेलवे नौकरी का झांसा

हातोद क्षेत्र निवासी विकास चूड़ी का कारोबार करता है। उसकी शादी 5 फरवरी 2022 को शिवानी से हुई थी। शिकायत के मुताबिक, शादी के बाद पत्नी शिवानी और उसके ताऊ माधव बागड़ी ने विकास को रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उसकी मुलाकात अन्य आरोपियों से कराई गई।विकास का आरोप है कि अभिजीत साहू ने रेलवे के अधिकारियों से संपर्क होने की बात कही और टीटीई के पद पर नौकरी लगवाने का दावा किया। नौकरी पक्की कराने के नाम पर उससे अलग-अलग समय में लाखों रुपए लिए गए।

ये भी पढ़ें: Toxic Box Office Collection: रिलीज होते ही छा गई ‘टॉक्सिक’,पहले ही दिन 100 करोड़ पार, कई बड़े सितारों को छोड़ा पीछे

दिल्ली ले जाकर डीआरएम कार्यालय में कराई मुलाकात

आरोपियों ने केवल नौकरी का भरोसा ही नहीं दिलाया, बल्कि पूरी प्रक्रिया को असली दिखाने के लिए कई कदम उठाए। शिकायत के अनुसार, अगस्त 2022 में विकास को दिल्ली ले जाया गया। वहां उसे रेलवे के डीआरएम कार्यालय में ले जाकर एक व्यक्ति से मिलवाया गया। इसके बाद उसे नियुक्ति पत्र भी दिया गया। नौकरी की प्रक्रिया पर भरोसा कायम रखने के लिए उसे रेलवे अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराने की बात कही गई। इन घटनाओं से विकास को लगा कि उसकी रेलवे में नौकरी लगभग तय हो चुकी है।

ये भी पढ़ें:  वीडियो में गाया-‘मर्डर मार दे सड़क के ऊपर’, कुछ देर बाद गोलियों से छलनी हुए सिंगर अंकित बालियान!‘भोलू शाहपुरिया’ ने ली जिम्मेदारी

पटना और आसनसोल में ‘ट्रेनिंग’ ने बढ़ाया भरोसा

दिल्ली के बाद आरोपियों ने विकास को पटना और आसनसोल भी ले गए। यहां रेलवे में नौकरी के नाम पर उसकी कथित ट्रेनिंग कराई गई। कई दिनों तक चली इस कवायद के चलते विकास को जरा भी शक नहीं हुआ कि उसके साथ ठगी की जा रही है। बाद में जब सभी लोग इंदौर लौटे तो कहानी ने अचानक नया मोड़ ले लिया।

ये भी पढ़ें: ‘मैं इनोसेंट हूं’, पहले रिया पर शक, फिर एलिमिनेशन, The Traitors में बड़ा ट्विस्ट

नियुक्ति पत्र फाड़ने और फोटो डिलीट करने को कहा

इंदौर लौटने के कुछ समय बाद शिवानी ने विकास से कहा कि नौकरी दिलाने वाली एक महिला को दाहोद में गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद उसे नियुक्ति पत्र फाड़ने और नौकरी से जुड़े फोटो-वीडियो मोबाइल से हटाने के लिए कहा गया। यहीं से विकास को संदेह हुआ। उसने पूरे मामले की जानकारी जुटाई तो उसे पता चला कि रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर उसके साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई है।

ये भी पढ़ें: पहले प्रेमिका के लिए लीक कराया पेपर, फिर प्यार में मिला धोखा तो प्रेमी ने खोल दिया MPSC घोटाले का पूरा राज

18.50 लाख रुपए लेने का आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया कि टीटीई की नौकरी लगवाने के नाम पर उससे करीब 18 लाख 50 हजार रुपए लिए गए। नौकरी नहीं लगने के बाद जब उसने रकम वापस मांगने की कोशिश की तो मामला और बिगड़ गया।विकास ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि बाद में उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना की शिकायत की और दोनों के बीच तलाक भी हो गया।

ये भी पढ़ें: रोज रात 12 बजते ही बंद होगा Instagram-Facebook! Meta ने 6 घंटे के लिए लगाया डिजिटल लॉक, सुबह 6 बजे खुलेगा ऐप

बेटमा में भी दर्ज है मामला

पीड़ित को बाद में जानकारी मिली कि इसी कथित गिरोह से जुड़े लोगों के खिलाफ बेटमा थाने में भी मामला दर्ज है। इसके बाद विकास ने न्यायालय में परिवाद पेश कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट शिखा अग्रवाल के आदेश के बाद हातोद पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

ये भी पढ़ें: दिल्ली में आज फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश के बीच उमस बढ़ाएगी परेशानी

फर्जी नियुक्ति से लेकर पूरे नेटवर्क की होगी जांच

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विकास से रकम किस-किस तरीके से ली गई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। इसके अलावा कथित नियुक्ति पत्र, दिल्ली के डीआरएम कार्यालय की गतिविधियों, रेलवे अस्पताल के मेडिकल, पटना और आसनसोल में कराई गई ट्रेनिंग की भी जांच की जाएगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

Latest Posts