इंदौर में दिखा "पाताललोक" का रास्ता: 20 फीट नीचे धंसी सड़क, ड्रेनेज लाइन का पानी आया नजर

इंदौर। शहर में विकास और स्मार्ट सिटी के दावों के बीच सड़कों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जोन-12 के गाड़ी अड्डा स्थित हरिजन मोहल्ले में मंगलवार शाम अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। देखते ही देखते यहां करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। गड्ढे के भीतर से गुजर रही ड्रेनेज लाइन और उसमें बहता पानी भी साफ दिखाई देने लगा। सड़क धंसने के समय वहां कोई वाहन या बच्चा मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। रहवासियों ने तत्काल आसपास के हिस्से को घेरकर लोगों की आवाजाही रोकी और नगर निगम के अधिकारियों को सूचना दी। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग करवाई और रात में गड्ढा दिखाई देता रहे, इसके लिए लाइट की व्यवस्था की। हालांकि, घटना के करीब 24 घंटे बाद भी सड़क का वास्तविक सुधार कार्य शुरू नहीं हो सका।
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पोकलेन पहुंची, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ
बुधवार को नगर निगम की ओर से पोकलेन मशीन मौके पर भेजी गई। रहवासियों को उम्मीद थी कि अब सड़क की खुदाई और सुधार का काम शुरू होगा, लेकिन मशीन दिनभर मौके पर खड़ी रही और शाम को वापस लौट गई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।रहवासियों का कहना है कि गड्ढा काफी गहरा है और आसपास लगातार लोगों की आवाजाही रहती है। केवल बैरिकेडिंग लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सड़क के नीचे की स्थिति की जांच कर स्थायी तरीके से मरम्मत करना जरूरी है।

निगम ने बताया- नीचे से गुजर रही ड्रेनेज लाइन
जोन-12 के जोनल अधिकारी राहुल सूर्यवंशी के मुताबिक, सड़क के नीचे प्राइमरी ड्रेनेज लाइन गुजर रही है। उनका कहना है कि लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने की आशंका है। मिट्टी कमजोर होने के बाद सड़क का हिस्सा धंस गया होगा।निगम ने फिलहाल सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, सड़क के नीचे बड़ा चैंबर बनाकर आवश्यक सुधार कार्य कराया जाएगा। निगम का दावा है कि गुरुवार से काम शुरू किया जाएगा।
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जलभराव से कमजोर हुई जमीन?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हरिजन मोहल्ले में जल निकासी की समस्या काफी पुरानी है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। रहवासियों की आशंका है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने और जमीन के भीतर रिसाव के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर हुई होगी। इसके बाद अचानक सड़क का हिस्सा धंस गया। रहवासी सतीश पंवार ने बताया कि क्षेत्र में जल निकासी को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। बारिश आते ही यहां जलभराव की स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो ऐसी स्थिति बनने से रोका जा सकता था।

सफाईकर्मियों की कॉलोनी, फिर भी समस्याओं का अंबार
हरिजन मोहल्ले में नगर निगम के कर्मचारी और सफाईकर्मी बड़ी संख्या में रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो कर्मचारी पूरे शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं, उनके ही इलाके में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति खराब है। इलाके में सड़क किनारे टूटे चैंबर, खुले गड्ढे और जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। रहवासियों का कहना है कि निगम को केवल सड़क धंसने के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से ही जल निकासी और ड्रेनेज व्यवस्था की निगरानी करनी चाहिए।
बड़ा हादसा टला, अब स्थायी सुधार की मांग
सड़क धंसने के दौरान यदि कोई वाहन या पैदल राहगीर वहां से गुजर रहा होता तो गंभीर हादसा हो सकता था। करीब 20 फीट गहरे गड्ढे के कारण खतरा और बढ़ गया है। फिलहाल बैरिकेडिंग के कारण लोगों को गड्ढे के आसपास जाने से रोका जा रहा है।


















