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काले हिरण शिकार केस में घिरे पूर्व क्रिकेटर को मिली सदस्यता

एमपीसीए की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में छह नए सदस्यों पर मुहर; पूर्व रणजी खिलाड़ी रमीज अब बीसीसीआई पैनल अंपायर, पुराना मामला समाप्त होने का दावा
काले हिरण शिकार केस में घिरे पूर्व क्रिकेटर को मिली सदस्यता
पूर्व रणजी खिलाड़ी रमीज खान

इंदौर। मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) की प्रबंधकारिणी समिति की बुधवार को हुई बैठक में छह नए सदस्यों को संगठन में शामिल करने का निर्णय लिया गया। नई सूची में पूर्व रणजी क्रिकेटर और वर्तमान बीसीसीआई पैनल अंपायर रमीज खान का नाम भी शामिल है। करीब 11 साल पहले काले हिरण के शिकार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में आए रमीज की एमपीसीए में सदस्य के तौर पर एंट्री अब चर्चा का विषय बन गई है।

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एमपीसीए में शामिल किए गए अन्य सदस्यों में संगठन के कोषाध्यक्ष संजीव दुआ, इंदौर की पूर्व महिला क्रिकेटर ज्योति सराफ जैन, शिवपुरी जिला क्रिकेट संगठन के अध्यक्ष संजय सांखला, भोपाल के अतुल भार्गव और ग्वालियर के इंद्रोजीराव कदम शामिल हैं।

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11 साल पहले काले हिरण मामले में हुई थी गिरफ्तारी

रमीज खान मध्य प्रदेश की रणजी टीम का लंबे समय तक हिस्सा रहे हैं। उन्होंने सागर संभाग की ओर से क्रिकेट खेला है। करीब 11 साल पहले सागर में काले हिरण के शिकार के आरोप में वन विभाग ने उन्हें गिरफ्तार किया था। आरोप था कि शिकार किए गए काले हिरण को बोरे में भरकर बाइक से ले जाया जा रहा था। काले हिरण के शिकार का मामला सामने आने के बाद रमीज का नाम काफी समय तक चर्चा में रहा था। हालांकि, अब एमपीसीए सचिव सुधीर असनानी ने स्पष्ट किया है कि काले हिरण शिकार से जुड़ा मामला समाप्त हो चुका है। उनके मुताबिक रमीज पूर्व क्रिकेटर हैं और वर्तमान में बीसीसीआई पैनल अंपायर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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क्रिकेट छोड़ अंपायरिंग में बनाया करियर

रमीज ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अंपायरिंग को करियर के तौर पर चुना। धीरे-धीरे उन्होंने इस क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए बीसीसीआई के पैनल में जगह बनाई। एमपीसीए में सदस्यता मिलने के पीछे संगठन ने उनके क्रिकेट और अंपायरिंग से जुड़े योगदान को आधार बताया है। एमपीसीए सचिव सुधीर असनानी का कहना है कि नए सदस्यों का चयन उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

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कोषाध्यक्ष संजीव दुआ भी बने सदस्य

नई सदस्यता पाने वालों में इंदौर के संजीव दुआ भी शामिल हैं। वे बीसीसीआई पैनल अंपायर रह चुके हैं। एमपीसीए चुनाव के दौरान उन्होंने एक क्लब प्रतिनिधि के रूप में कोषाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। प्रदेश क्रिकेट संगठन के कोषाध्यक्ष का एमपीसीए का सदस्य नहीं होना उस समय चर्चा में रहा था। अब सदस्यता मिलने के बाद इस स्थिति में बदलाव हो गया है।

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क्रिकेट प्रशासन से जुड़े चेहरों को भी जगह

शिवपुरी जिला क्रिकेट संगठन के अध्यक्ष और ग्वालियर संभागीय संगठन के उपाध्यक्ष संजय सांखला को भी एमपीसीए की सदस्यता दी गई है। इसके अलावा भोपाल के अतुल भार्गव और ग्वालियर के इंद्रोजीराव कदम को भी संगठन में शामिल किया गया है। इन सदस्यों के जरिए एमपीसीए में जिला क्रिकेट और क्षेत्रीय स्तर पर क्रिकेट प्रशासन से जुड़े लोगों को प्रतिनिधित्व मिला है।

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महिला क्रिकेटर को भी सदस्यता

महिला क्रिकेटर वर्ग से इंदौर की ज्योति सराफ जैन को एमपीसीए की सदस्यता दी गई है। ज्योति मध्य प्रदेश और इंदौर विश्वविद्यालय की टीम की कप्तान रह चुकी हैं। उनके शामिल होने से संगठन में महिला क्रिकेट का प्रतिनिधित्व भी बढ़ा है।

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रमीज की सदस्यता पर एमपीसीए का तर्क

रमीज खान की सदस्यता को लेकर उठने वाले सवालों पर एमपीसीए सचिव ने कहा कि उनके चयन में वर्तमान भूमिका और क्रिकेट में योगदान को देखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि काले हिरण से जुड़ा पुराना मामला अब समाप्त हो चुका है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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