रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया! जानें कब शुरू होगा ग्रहण और किस समय बांधें राखी?

धर्म। भाई-बहन के रिश्ते का खास त्योहार रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह शुरू होकर 28 अगस्त सुबह तक रहने की जानकारी पंचांग में दी गई है। इसी बीच 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। ग्रहण को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसका असर भारत में पड़ेगा या नहीं और क्या राखी बांधने के समय पर इसका कोई प्रभाव होगा। उपलब्ध पंचांग जानकारी के अनुसार दिल्ली समेत कई भारतीय शहरों में रक्षाबंधन के लिए सुबह का समय बताया गया है। इसलिए त्योहार मनाने वाले लोग स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देख सकते हैं।
28 अगस्त को ही क्यों मनाया जाएगा रक्षाबंधन?
इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त को पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे शुरू हुई और 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। दिल्ली में राखी बांधने का समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के अंतर के कारण कुछ मिनट का फर्क हो सकता है।
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राखी बांधने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए सुबह का समय काफी अहम रहेगा। दिल्ली के पंचांग में सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय दिया गया है। वहीं ग्वालियर में यह अवधि सुबह 5:55 बजे से 9:48 बजे तक बताई गई है। मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय के हिसाब से समय थोड़ा बदल सकता है।
चंद्र ग्रहण को लेकर क्या है स्थिति?
28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना होगी। उपलब्ध खगोलीय जानकारी के मुताबिक इसका वैश्विक चरण रात से सुबह तक चलेगा। भारत में इसकी दृश्यता स्थान और चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए केवल एक ही समय को पूरे देश के लिए लागू मानना सही नहीं होगा।
क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
सूतक को लेकर धार्मिक मान्यता यह है कि ग्रहण दिखाई देने पर इससे जुड़े नियम लागू किए जाते हैं। वहीं, ग्रहण भारत में दिखाई न देने की स्थिति में कई पंचांगों में सूतक मान्य नहीं माना जाता। इसलिए रक्षाबंधन के दिन पूजा और राखी बांधने को लेकर अपने शहर के पंचांग को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
राहुकाल का भी रखें ध्यान
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के समय राहुकाल को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आपके दिए विवरण के अनुसार 28 अगस्त को राहुकाल सुबह 10:31 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक बताया गया है। हालांकि राखी के लिए इससे पहले का शुभ समय उपलब्ध है, इसलिए परिवार अपनी सुविधा के अनुसार सुबह ही भाई की कलाई पर राखी बांध सकता है।
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इस बार त्योहार को लेकर क्या याद रखें?
रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण होने की खबर से लोगों में असमंजस जरूर है, लेकिन खगोलीय घटना और धार्मिक मान्यताओं को अलग-अलग समझना जरूरी है। भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और पंचांग की गणना के कारण मुहूर्त बदल सकता है। इसलिए राखी बांधने से पहले स्थानीय पंचांग से समय मिलाना सबसे सुरक्षित तरीका रहेगा।



















