ओंकारेश्वर में 2200 करोड़ का भव्य पंचायतन मंदिर, CM मोहन यादव ने रखी नींव

हरसूद। मान्धाता पर्वत स्थित ओंकारेश्वर के एकात्म धाम में गुरुवार को करीब 2200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भव्य पंचायतन मंदिर का शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस मौके पर संतों, धर्माचार्यों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में वैदिक विद्वानों और आचार्यों ने विशेष पूजा-अनुष्ठान कराया। वैदिक मंत्रोच्चार और शिला पूजन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, संत-महात्माओं और अन्य अतिथियों ने पवित्र शिलाओं का पूजन कर मंदिर निर्माण की शुरुआत की। इस दौरान पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला।

भारतीय दर्शन और सनातन परंपरा का केंद्र बनेगा एकात्म धाम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एकात्म धाम को भारतीय दर्शन, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक ज्ञान की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां आदिगुरु शंकराचार्य के एकात्म दर्शन और भारतीय संस्कृति के मूल विचारों को व्यापक रूप से प्रस्तुत करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर सिर्फ ज्योतिर्लिंग की पवित्र भूमि नहीं है, बल्कि यह आदि शंकराचार्य की तपस्या, साधना और ज्ञान परंपरा से भी जुड़ी हुई है। एकात्म धाम के विकास से इस आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिलेगी।
प्राचीन नागर शैली में बनेगा पंचायतन मंदिर
पंचायतन मंदिर का निर्माण प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला के आधार पर किया जाएगा। मंदिर के मुख्य मंडप में करीब 26 फीट व्यास का कलात्मक गुंबद बनाया जाएगा। मंदिर के निर्माण में करीब 80 हजार घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर इस्तेमाल किया जाएगा। मंदिर को 121 कलशों से सजाया जाएगा और इसे 16 फीट ऊंची जगती पर स्थापित किया जाएगा।

एक मंदिर में पांच देव स्वरूपों की उपासना
मंदिर के केंद्र में भगवान शिव का मुख्य देवालय होगा। चारों दिशाओं में भगवान विष्णु, सूर्यदेव, भगवान गणेश और भगवती शक्ति के उप-देवालय बनाए जाएंगे। मंदिर का मुख्य शिखर ‘सोमतिलक’ शैली में होगा, जबकि गर्भगृह सर्वतोभद्र शैली का बनाया जाएगा। इसमें चारों दिशाओं से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। मंदिर परिसर में 100 से अधिक नक्काशीदार स्तंभ, भव्य तोरण द्वार और विशाल मंडप बनाए जाएंगे। यह मंदिर भारतीय शिल्पकला, मूर्तिकला और प्राचीन वास्तु परंपरा का आकर्षक उदाहरण बनने की उम्मीद है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
एकात्म धाम परियोजना से ओंकारेश्वर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो सकता है। आने वाले समय में एकात्म धाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पंचायतन मंदिर के जरिए भारतीय संस्कृति, दर्शन और आदि शंकराचार्य के समन्वय के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की योजना है।
राजनाथ सिंह का जबलपुर में स्वागत
इसी बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी गुरुवार को जबलपुर पहुंचे। डुमना एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी अगवानी की और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे और उन्होंने रक्षा मंत्री का स्वागत किया। राजनाथ सिंह सुबह 11:55 बजे नई दिल्ली से विशेष विमान से जबलपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
व्हीकल फैक्ट्री के कार्यक्रम में होंगे शामिल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री में टी-सीरीज टैंकों की ओवरहॉलिंग परियोजना के भूमिपूजन समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने वालों में राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और कई विधायक व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष आशा गोंटिया, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा के पदाधिकारी और रक्षा उत्पादन व प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड के सीएमडी सत्यव्रत मुखर्जी, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ मेजर जनरल संजय गौतम, संभागायुक्त धनंजय सिंह, आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसपी संपत उपाध्याय और नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार सहित अन्य अधिकारी भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।



















