पांच दिनी बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर भोपाल में बैंक कर्मचारियों का धरना, 28, 29 और 30 सितंबर को रहेगी हड़ताल

पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर भोपाल में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। यूनियनों ने कहा कि मांग पर 8 मार्च 2024 को समझौता होने के बावजूद अब तक लागू नहीं किया गया। मांग पूरी नहीं होने पर 28 से 30 सितंबर तक राष्ट्रव्यापी हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई।
पांच दिनी बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर भोपाल में बैंक कर्मचारियों का धरना, 28, 29 और 30 सितंबर को रहेगी हड़ताल
भोपाल। पांच दिनी बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर बैंककर्मियों ने धरना दिया।

भोपाल। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बुधवार को भोपाल में सैकड़ों बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक पंजाब नेशनल बैंक, इंदिरा प्रेस कॉम्प्लेक्स शाखा के सामने कर्मचारियों ने धरना दिया। धरना समाप्त होने के बाद बैंककर्मियों ने अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में विभिन्न बैंक कर्मचारी, अधिकारी और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इनमें संजीव मिश्रा, वीके शर्मा, नजीर कुरैशी, दिनेश झा, प्रवीण मेघानी, निर्भय सिंह ठाकुर, भगवान स्वरूप कुशवाहा, संजय कुदेशिया, अनिल कुमार श्रीवास्तव, सुबिन सिन्हा, वीएस नेगी, संदीप चौबे, अंबरीश नंदा, मनीष चतुर्वेदी, पंकज ठाकुर, जेपी झवर, गुणशेखरन, अशोक पंचोली, जेपी दुबे, देवेंद्र खरे, दीपक नायर, राजीव उपाध्याय, महेंद्र गुप्ता, अमित गुप्ता, सुनील देसाई, सत्येंद्र चौरसिया, मनीष भार्गव और अमोल अचवाल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

कार्यभार और तनाव का असर कार्य-जीवन संतुलन पर 

वक्ताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना अब विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। बैंक कर्मचारी अत्यधिक कार्यभार, लक्ष्य आधारित दबाव और मानसिक तनाव के बीच काम कर रहे हैं। सप्ताह में छह दिन काम करने की व्यवस्था से कर्मचारियों का कार्य-जीवन संतुलन प्रभावित हो रहा है। इसका असर उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन अवकाश मिलने से काम करने की क्षमता और कार्यस्थल पर संतुष्टि बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में काम की प्रकृति में भी काफी बदलाव आया है और कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

डिजिटल बैंकिंग से ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर 

वक्ताओं ने दावा किया कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू होने से ग्राहकों को मिलने वाली बैंकिंग सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। यूनियन नेताओं के मुताबिक तनावमुक्त और संतुष्ट कर्मचारी ग्राहकों को बेहतर सेवा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के बड़े हिस्से का डिजिटलीकरण हो चुका है, इसलिए सप्ताह में पांच दिन बैंक शाखाओं के संचालन से ग्राहकों की आवश्यक सेवाएं प्रभावित होने की आशंका नहीं है।

समझौते के बावजूद मांग लागू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी 

वक्ताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर भारतीय बैंक संघ और केंद्र सरकार की ओर से पूर्व में सहमति दी जा चुकी है। यूनियन और इंडियन बैंक एसोसिएशन के बीच 8 मार्च 2024 को इस संबंध में लिखित समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद 30 महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है। यूनियनों ने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय और वादा-खिलाफी बताया। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान बैंक कर्मचारियों की भूमिका का भी उल्लेख किया। वक्ताओं के अनुसार महामारी के कठिन दौर में कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बैंकिंग सेवाएं जारी रखीं और सरकार की विभिन्न योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू नहीं किया गया तो 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

अधिकारी-कर्मचारी एकजुटता का प्रदर्शन

धरने का नेतृत्व UFBU के संयोजक संजीव कुमार मिश्रा, AIBOC मध्यप्रदेश के अध्यक्ष सुबीन सिन्हा, सेक्रेटरी दिनेश झा तथा भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ (SBIOA) भोपाल सर्कल के अध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव ने किया। इसके अतिरिक्त रजनीश पौराणिक, सुरेश बाबू मीणा, स्वप्निल चतुर्वेदी, क्षितिज तिवारी,राहुल सोमकुवर,शिव प्रसाद अहिरवार,सतेंद्र तोमर, निर्भय सिंह, मनीष भार्गव, नितिन बिखानी, विजय चौटानी, अंबरिश नंदा, राजेश नायक, जितेंद्र बग्गा, प्रियंका गुप्ता, दीपक नायर, अंकुर दुबे, सुखमीत कौर, राहुल करौलिया, कुलदीप स्वर्णकार, विजय राघवन, अमित गुप्ता, संजय सिंह, देवेंद्र दांगी, सुमित मिश्रा, हितेश कुमार, देवेश जैन, मोनिका भागवानी, कपिला मेघानी, प्रशांत रघुवंशी, रोहित यादव, अमित प्रजापति, जयंत सेन, सेतु पाठक, राहुल खरे, ब्रजेश कुशवाहा, अनिल कुमार, मुदित जोशी, कीर्ति खरे, विनीता दुबे, पूजा कुशवाहा, केके त्रिपाठी, मनीष चतुर्वेदी एवं विभु जोशी सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने धरने में सक्रिय भागीदारी की।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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