
ग्वालियर। ग्वालियर के सिरोल थाना पुलिस ने पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा और उसकी मां उमा शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह एफआईआर उप परिवहन आयुक्त किरण कुमार शर्मा की शिकायत पर दर्ज की गई है। आरोप है कि सौरभ और उसकी मां ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए झूठा शपथ पत्र दिया था, जिसमें सौरभ के बड़े भाई की सरकारी नौकरी छुपाई गई थी।
कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा
परिवहन विभाग में साल 2016 में अनुकंपा नियुक्ति के लिए सौरभ शर्मा और उसकी मां ने आवेदन किया था। नियमों के अनुसार, यदि मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार में कोई अन्य सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है, तो ही परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है।
शपथ पत्र में सौरभ शर्मा के बड़े भाई सचिन शर्मा का नाम तो दिया गया, लेकिन यह जानकारी छिपाई गई कि वे छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग में कार्यरत हैं। जांच में यह सामने आया कि सचिन शर्मा रायपुर के एंटी करप्शन ब्यूरो में पदस्थ हैं। इस आधार पर परिवहन आयुक्त के निर्देश पर सिरोल थाना पुलिस ने सौरभ और उसकी मां के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
कार से मिला 11 करोड़ कैश और 52 किलो सोना
सौरभ शर्मा दिसंबर 2024 में तब सुर्खियों में आया था, जब लोकायुक्त, ईडी और आयकर विभाग ने उसके ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान भोपाल के मेंडोरी इलाके में एक इनोवा कार से 11 करोड़ रुपए नकद और 52 किलो सोना बरामद किया गया था। यह कैश और गोल्ड सौरभ शर्मा के कथित काले धन से जुड़े होने का संकेत दे रहा था।
हालांकि, अब तक हुई पूछताछ में सौरभ शर्मा ने यह स्वीकार नहीं किया है कि इनोवा कार में मिला कैश और सोना उसका है।
2 Comments