PlayBreaking News

Peoples Update Special :ग्वालियर में हर शनिवार समाजसेवी-डॉक्टर महिलाओं को कैंसर से बचाने करती हैं जागरूक

ग्वालियर की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. कुसुमलता सिंघल कैंसर से बचाने के लिए महिलाओं को जागरूक करने का अभियान चला रही हैं। वे हर शनिवार को इस बारे में महिलाओं से संवाद करती हैं। वे 600 से महिलाओं की कैंसर जांच भी करा चुकी हैं।
Follow on Google News
ग्वालियर में हर शनिवार समाजसेवी-डॉक्टर महिलाओं को कैंसर से बचाने करती हैं जागरूक
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव कटारे, ग्वालियर। कैंसर के बारे में जागरूक किया जाए तो इसे समय रहते रोका जा सकता है। इसी मिशन के साथ  ग्वालियर की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. कुसुमलता सिंघल महिलाओं और युवतियों को कैंसर से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही हैं। डॉ. सिंघल हर शनिवार अपने क्लीनिक पर महिलाओं व युवतियों के लिए नि:शुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श क्लीनिक संचालित करती हैं।

    नि:शुल्क कराती हैं जांच

    वे स्तन कैंसर एवं बच्चेदानी के मुंह (सर्वाइकल) के कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ स्व-स्तन परीक्षण की फ्री ट्रेनिंग भी देती हैं। जरूरत पड़ने पर वे संदिग्ध मरीजों की वीआईए और पैप स्मीयर टेस्ट जैसी जांचें अपनी ओर से निजी लैब में नि:शुल्क कराती हैं। डॉ. सिंघल के अनुसार स्तन कैंसर के प्रारंभिक लक्षण महिलाएं घर पर ही पहचान सकती हैं। इसी लिए वे शुरुआती संकेतों की जानकारी देती हैं। आंकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में प्रति एक लाख महिलाओं में लगभग 30 मामले, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 5 मामले सामने आते हैं।

    600 से ज्यादा महिलाओं की जांच की

    तीन साल में डॉ. सिंघल करीब 600 महिलाओं और युवतियों की स्तन कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर की नि:शुल्क जांच करा चुकी हैं। इस दौरान कई मामलों में प्रारंभिक लक्षण पाए गए, लेकिन समय रहते इलाज होने से महिलाएं पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। डॉ. सिंघल का मानना है कि हर व्यक्ति अपने काम से समाज को जागरूक कर सकता है।

    प्रारंभिक स्टेज में आसान है उपचार

    डॉ. सिंघल के अनुसार यदि स्तन कैंसर की पहचान शरुआती जांच में हो जाए तो इलाज आसान हो जाता है। वहीं सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण मिलने पर मात्र दो सिटिंग में सिकाई (रेडिएशन/थैरेपी)से बीमारी ठीक हो सकती है। लेकिन, कैंसर आगे की स्टेज में पहुंच जाए तो फिर कीमोथैरेपी और अन्य जटिल उपचार की आवश्यकता पड़ती है। इसके साथ ही डॉ. सिंघल युवतियों के लिए स्वदेशी एचपीवी  वैक्सीन भी लगाती हैं, जिससे बच्चेदानी के कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts