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Ethanol Blending:20% से ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म, E20 पेट्रोल पर फिलहाल कोई राहत नहीं

सरकार ने एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के लिए 20% से अधिक एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म कर दी है। हालांकि E20 पेट्रोल पर अभी कोई राहत नहीं मिलेगी।
20% से ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म, E20 पेट्रोल पर फिलहाल कोई राहत नहीं

केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 20% से ज्यादा एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 22% से 30% तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म करने की घोषणा की है। हालांकि फिलहाल पेट्रोल पंपों पर बिक रहे E20 पेट्रोल पर यह राहत लागू नहीं होगी। सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब E22, E25, E27 और E30 जैसे हाई एथेनॉल ब्लेंड वाले पेट्रोल वेरिएंट्स पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से देश में क्लीन फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी।

E20 पेट्रोल पर नहीं मिलेगी राहत

देश के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर इस समय E20 पेट्रोल उपलब्ध है, जिसमें 20% एथेनॉल मिलाया जाता है। लेकिन नई टैक्स छूट केवल उन वेरिएंट्स पर लागू होगी जिनमें 22% से 30% तक एथेनॉल ब्लेंडिंग होगी। यानी मौजूदा E20 पेट्रोल की कीमतों में इस फैसले का सीधा फायदा ग्राहकों को नहीं मिलेगा।

पहली बार हाई एथेनॉल ब्लेंड को मिला बड़ा फिस्कल सपोर्ट

यह पहली बार है जब केंद्र सरकार ने E20 से ऊपर के एथेनॉल ब्लेंड्स के लिए इतना बड़ा फाइनेंशियल इंसेंटिव दिया है। सरकार का कहना है कि इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियां ज्यादा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित होंगी।

विदेशी तेल पर निर्भरता घटाने की तैयारी

भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में सरकार लगातार एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि इम्पोर्ट बिल कम हो सके और देश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिले। सरकार का मानना है कि ज्यादा एथेनॉल मिश्रण से न सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

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तय समय से पहले पूरा हुआ E20 लक्ष्य

भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पिछले कुछ वर्षों में तेजी से आगे बढ़ा है। नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स 2018 के तहत पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य पहले साल 2030 तक तय किया गया था लेकिन बाद में इसे घटाकर एथेनॉल सप्लाई ईयर 2025-26 कर दिया गया। सरकारी तेल कंपनियों ने जून 2022 में ही 10% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय समय से करीब 5 महीने पहले हासिल कर लिया था।

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सरकार को क्या होगा फायदा

विशेषज्ञों के मुताबिक हाई एथेनॉल ब्लेंडिंग से पेट्रोलियम आयात पर खर्च कम होगा, किसानों की आय बढ़ेगी और घरेलू स्तर पर एथेनॉल उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी। गन्ना और मक्का आधारित एथेनॉल इंडस्ट्री को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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