Jio के 10 साल पूरे: मिस्ड कॉल से 26.7GB डेटा तक, ऐसे बदली भारतीयों की मोबाइल जिंदगी

नई दिल्ली। एक समय था जब मोबाइल पर पैसे बचाने के लिए लोग मिस्ड कॉल का सहारा लेते थे। घर पहुंचने की जानकारी देनी हो या किसी से बात करने के लिए इशारा करना हो, एक मिस्ड कॉल काफी थी। इंटरनेट की बात करें तो हर MB डेटा सोच-समझकर इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। वीडियो कॉल, डिजिटल पेमेंट, OTT, ऑनलाइन पढ़ाई, वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन शॉपिंग अब मोबाइल की रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। आज यानी 5 सितंबर 2026 को रिलायंस जियो के लॉन्च के 10 साल पूरे हो गए हैं। इन दस सालों में भारत में मोबाइल डेटा की कीमत, इंटरनेट की स्पीड और डेटा इस्तेमाल करने का तरीका बड़े स्तर पर बदला है। डेटा पहले के मुकाबले काफी सस्ता हुआ है, जबकि इंटरनेट की स्पीड कई गुना बढ़ गई है।
10 साल में 29 गुना सस्ता हुआ डेटा
रिलायंस जियो के आने के बाद भारतीय टेलीकॉम बाजार में डेटा इस्तेमाल तेजी से बढ़ा। आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में भारत में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 Mbps थी। दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 68 Mbps से ज्यादा हो गई। यानी इंटरनेट स्पीड 27 गुना से ज्यादा बढ़ी। इसी दौरान एक GB मोबाइल डेटा की औसत कीमत 228 रुपये से घटकर 7.9 रुपये रह गई। यानी डेटा करीब 29 गुना सस्ता हो गया।
0.2GB से 25.7GB तक पहुंचा मासिक डेटा इस्तेमाल
डेटा सस्ता होने का सीधा असर लोगों के इस्तेमाल पर भी दिखाई दिया। 2016 में एक वायरलेस डेटा कस्टमर हर महीने औसतन 0.2GB से भी कम डेटा इस्तेमाल करता था। दिसंबर 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 25.7GB पहुंच गया। यानी मासिक डेटा खपत 128 गुना से भी ज्यादा बढ़ गई। ये आंकड़े जियो के IPO के DRHP में शामिल एनालिसिस मेसन रिपोर्ट के भारत के टेलीकॉम बाजार से जुड़े आकलन के हैं।
अब हर महीने 26.7GB डेटा इस्तेमाल कर रहा भारतीय
TRAI के ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारतीयों का डेटा इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। मार्च 2026 की तिमाही में देश में एक वायरलेस डेटा कस्टमर औसतन 26.7GB डेटा हर महीने इस्तेमाल कर रहा था। वहीं, प्रति GB वायरलेस डेटा से औसत राजस्व प्राप्ति घटकर 7.51 रुपए रह गई। मार्च के अंत तक भारत में इंटरनेट कस्टमर्स की संख्या करीब 109.3 करोड़ और ब्रॉडबैंड कस्टमर्स की संख्या 106.6 करोड़ हो चुकी थी।
Jio यूजर्स हर महीने 43.7GB डेटा चला रहे
जियो नेटवर्क पर डेटा इस्तेमाल का आंकड़ा देश के औसत से भी ज्यादा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में जियो का एक कस्टमर औसतन 43.7GB डेटा हर महीने इस्तेमाल कर रहा था। इस दौरान जियो के नेटवर्क पर कुल 69.4 बिलियन GB डेटा इस्तेमाल हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 26.9 फीसदी ज्यादा है। जून 2026 के अंत तक जियो से कुल 53.33 करोड़ कस्टमर्स जुड़े थे।
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5G ने बढ़ाई डेटा की रफ्तार
मोबाइल डेटा की अगली बड़ी छलांग 5G से आती दिख रही है। जून 2026 तक जियो के 5G कस्टमर्स की संख्या करीब 28.5 करोड़ पहुंच चुकी थी। कंपनी के नेटवर्क पर 5G डेटा ट्रैफिक अब 4G के मुकाबले करीब डेढ़ गुना है।
दुनिया में दूसरे नंबर पर भारत
मोबाइल डेटा के बढ़ते इस्तेमाल ने भारत को वैश्विक स्तर पर भी आगे पहुंचाया है। एनालिसिस मेसन रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 तक भारत मोबाइल डेटा ट्रैफिक खपत करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश था। यानी जिस देश में कभी लोग मोबाइल डेटा बचाने के लिए मिस्ड कॉल का सहारा लेते थे, आज वही भारत हर महीने औसतन 26GB से ज्यादा मोबाइल डेटा इस्तेमाल कर रहा है। पिछले 10 साल में मोबाइल ने सिर्फ बातचीत का तरीका नहीं बदला, बल्कि पढ़ाई, काम, भुगतान, खरीदारी और मनोरंजन तक हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बदल दिया है।




















