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बिल गेट्स को रूसी लड़कियों से हुआ था यौन रोग?30 लाख पन्नों की एपस्टीन फाइल्स में चौंकाने वाला खुलासा

अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़ी नई फाइल्स जारी की हैं। इनमें बिल गेट्स को लेकर चौंकाने वाले लेकिन अप्रमाणित ईमेल दावे सामने आए हैं। गेट्स ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
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30 लाख पन्नों की एपस्टीन फाइल्स में चौंकाने वाला खुलासा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका में दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा सेक्स स्कैंडल एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। अमेरिकी न्याय विभाग (US Justice Department) ने इस बहुचर्चित मामले से संबंधित नई फाइल्स सार्वजनिक की हैं। इन दस्तावेजों में कई प्रभावशाली और जाने-माने लोगों का नाम सामने आया है। सबसे ज्यादा चर्चा माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल रहे बिल गेट्स को लेकर हो रही है। नई फाइल्स में एपस्टीन के कुछ कथित ईमेल ड्राफ्ट्स शामिल हैं, जिनमें गेट्स के निजी जीवन और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर लेकिन अपुष्ट दावे किए गए हैं।

    इन खुलासों के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि, एपस्टीन का नेटवर्क कितना बड़ा था और उसके संपर्कों में कौन-कौन सी ताकतवर हस्तियां शामिल थीं। हालांकि, अमेरिकी न्याय विभाग और खुद बिल गेट्स की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि दस्तावेजों में नाम आना किसी अपराध का प्रमाण नहीं है।

    अमेरिकी न्याय विभाग ने क्या जारी किया?

    अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, जेफ्री एपस्टीन मामले में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। विभाग ने बताया कि, अब तक इस केस से जुड़े 30 लाख से अधिक पन्नों के रिकॉर्ड, 1 लाख 80 हजार से ज्यादा तस्वीरें और 2 हजार से अधिक वीडियो जारी किए जा चुके हैं। इन फाइलों में जांच से संबंधित आंतरिक दस्तावेज, संपर्क विवरण और अन्य सामग्री शामिल है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि, किसी व्यक्ति का नाम इन दस्तावेजों में होना, उसके अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    इनमें जांच एजेंसियों के आंतरिक ईमेल, शिकायतें, पुराने रिकॉर्ड, फोटो और वीडियो शामिल हैं। विभाग का कहना है कि, दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से पहले लंबी कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई और पीड़ितों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को छिपाया गया है। न्याय विभाग ने यह भी दोहराया कि, इन फाइल्स का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है, न कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना।

    बिल गेट्स को लेकर क्या आरोप लगाए गए?

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई फाइल्स में शामिल कुछ ईमेल ड्राफ्ट्स में दावा किया गया है कि, बिल गेट्स ने रूसी महिलाओं के साथ संबंध बनाए थे। इन संबंधों के बाद उन्हें कथित तौर पर यौन संचारित रोग (Sexually Transmitted Disease - STD) हो गया था।

    इन ईमेल्स में यह भी लिखा गया है कि, गेट्स ने जेफ्री एपस्टीन से एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थीं, ताकि वे ये दवाएं अपनी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा गेट्स को उनकी जानकारी के बिना दे सकें। यह दावा भी किया गया है कि, गेट्स ने एपस्टीन से इस कथित घटना से जुड़े ईमेल डिलीट करने को कहा था। हालांकि, इन सभी आरोपों की किसी भी स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।

    2013 के ईमेल ड्राफ्ट्स का जिक्र

    न्याय विभाग के अनुसार, विवाद के केंद्र में मौजूद ईमेल 18 जुलाई 2013 के हैं। बताया गया है कि, एपस्टीन ने उस दिन सुबह करीब 11:49 बजे खुद को एक लंबा ईमेल लिखा था। इस ईमेल में उसने गेट्स पर नाराजगी जताई और कहा कि गेट्स ने छह साल पुरानी दोस्ती खत्म कर दी।

    इसी दिन रात करीब 1:03 बजे एक और ईमेल ड्राफ्ट लिखा गया, जिसे कथित तौर पर गेट्स के तत्कालीन सलाहकार बोरिस निकोलिक के नाम से तैयार किया गया था। इसमें बिल और मेलिंडा गेट्स के बीच वैवाहिक तनाव और निजी विवादों का जिक्र किया गया है। यह भी साफ किया गया है कि, ये ईमेल एपस्टीन के निजी ड्राफ्ट्स थे, न कि किसी आधिकारिक बातचीत का हिस्सा।

    क्या इन आरोपों का कोई सबूत है?

    अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, इन आरोपों का कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है। ब्रिटिश मीडिया और अमेरिकी न्याय विभाग दोनों ने यह स्पष्ट किया है कि, ये दस्तावेज एपस्टीन के निजी विचार, ड्राफ्ट या उसकी नाराजगी को दर्शाते हैं। न्याय विभाग ने कहा कि, किसी व्यक्ति का नाम दस्तावेजों में होना, यह साबित नहीं करता कि वह एपस्टीन के अपराधों में शामिल था या उसे उनकी जानकारी थी।

    बिल गेट्स ने किया खंडन

    नई फाइल्स के सामने आने के बाद बिल गेट्स की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। उनके प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि, ये सभी आरोप पूरी तरह झूठे, बेबुनियाद और काल्पनिक हैं। प्रवक्ता के अनुसार, ये दस्तावेज केवल यह दिखाते हैं कि एपस्टीन गेट्स से संबंध टूटने के कारण नाराज था और उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा था।

    बिल गेट्स पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि, उन्हें एपस्टीन से मिलने-जुलने पर पछतावा है, लेकिन उन्होंने हमेशा किसी भी तरह के गलत या अवैध आचरण से इनकार किया है।

    गेट्स और एपस्टीन के रिश्ते कितने गहरे थे?

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिल गेट्स ने 2011 से 2013 के बीच एपस्टीन से कई बार मुलाकात की थी। इनमें न्यूयॉर्क स्थित एपस्टीन के घर पर देर रात तक रुकना और निजी विमान से यात्रा करने जैसी बातें शामिल थीं। हालांकि, गेट्स ने 2019 में कहा था कि उनका एपस्टीन के साथ कोई कारोबारी या व्यक्तिगत संबंध नहीं था और वे कभी उसकी पार्टियों या निजी आयोजनों का हिस्सा नहीं बने।

    तलाक और एपस्टीन कनेक्शन

    बिल और मेलिंडा गेट्स की शादी 1994 में हुई थी और 2021 में दोनों का तलाक हो गया। तलाक के बाद मेलिंडा गेट्स ने संकेत दिया था कि, गेट्स के अफेयर्स और एपस्टीन से उनके संबंध तलाक की वजहों में शामिल थे, हालांकि उन्होंने इस पर ज्यादा विस्तार से बात नहीं की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2019 में एपस्टीन से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद मेलिंडा गेट्स ने वकीलों से सलाह भी ली थी।

    क्या है एपस्टीन केस

    जेफ्री एपस्टीन केस की शुरुआत 2005 में हुई थी, जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद जांच में सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं था। धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों ने एपस्टीन पर यौन शोषण के आरोप लगाए। जांच में यह भी पता चला कि एपस्टीन हाई-प्रोफाइल पार्टियों के जरिए कम उम्र की लड़कियों का शोषण करता था और उन्हें पैसों, गहनों और धमकियों के जरिए मजबूर करता था।

    2008 में उसे मामूली सजा मिली, जिससे वह लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहा। 2019 में उसे दोबारा सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया, लेकिन मुकदमे से पहले ही न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई। उसकी करीबी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया और वह 20 साल की सजा काट रही है।

    यह भी पढ़ें: Epstein Files Controversy : एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में ट्रंप का नाम, DOJ ने कहा फर्जी

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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