Manisha Dhanwani
30 Jan 2026
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका का ट्रंप प्रशासन TrumpRx नाम की नई सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए मरीज दवाओं को सीधे दवा कंपनियों से खरीद सकेंगे, जिससे बिचौलियों के कारण बढ़ी कीमतों में कटौती होगी। प्रशासन का दावा है कि, इस योजना से अमेरिकियों का दवा खर्च 800% तक कम किया जा सकेगा।
पिछले कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन ने 16 बड़ी दवा कंपनियों के साथ समझौते किए हैं, जिन्हें ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) डील्स’ कहा गया है। इन समझौतों के तहत कंपनियों को तीन साल तक इम्पोर्टेड दवाओं पर टैरिफ छूट दी जाएगी।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि, अमेरिका दुनिया में दवाओं का सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन अमेरिकी मरीजों को वही दवाएं तीन गुना महंगी मिलती हैं, जो दूसरे अमीर देशों में सस्ती होती हैं। इस योजना के जरिए अब अमेरिकी नागरिक भी दवाइयां उसी कीमत में खरीद पाएंगे जितने की यूरोप, कनाडा और जापान में मिलती हैं।
TrumpRx एक सरकारी ऑनलाइन पोर्टल होगा, जहां मरीज सीधे दवा निर्माताओं से दवाएं ऑर्डर कर सकेंगे। इससे बिचौलियों और थोक वितरकों की भूमिका खत्म होगी। दवाओं की कीमतों में महत्वपूर्ण कटौती आएगी। मरीज मेडिकेड और मेडिकेयर लाभार्थी होने पर विशेष छूट के साथ दवाएं प्राप्त कर सकेंगे। वेबसाइट पर अभी तक सभी दवाओं की सूची नहीं जारी की गई है, लेकिन Pfizer, AbbVie और Regeneron जैसी कंपनियों के साथ समझौते हो चुके हैं।
कुछ प्रमुख दवाओं के दाम इस योजना के तहत घटाए गए हैं-
|
दवा |
बीमारी |
पहले की कीमत |
नई कीमत |
|
रिपाथा |
कोलेस्ट्रॉल |
₹52,700 |
₹22,000 |
|
रेयाटाज |
HIV / एड्स |
₹1,33,300 |
₹20,000 |
|
जेंटाड्यूटो |
टाइप 2 डायबिटीज |
₹48,300 |
₹5,100 |
|
जोफ्लूजा |
इन्फ्लूएंजा |
₹15,500 |
₹4,600 |
|
एपक्लूसा |
हेपेटाइटिस C |
₹22,92,600 |
₹2,23,100 |
|
प्लाविक्स |
ब्लड थिनर |
₹69,600 |
₹1,500 |
इससे न सिर्फ मरीजों की जेब पर बोझ कम होगा, बल्कि मेडिकेड और मेडिकेयर लाभार्थियों को भी सीधा फायदा मिलेगा।
TrumpRx का सबसे बड़ा फायदा पुरानी और महंगी बीमारियों के मरीजों को मिलेगा। इनमें शामिल हैं-
मेडिकेड और मेडिकेयर लाभार्थी सीधे MFN कीमतों का लाभ उठा सकेंगे। इससे राज्य मेडिकेड प्रोग्रामों में अरबों डॉलर की बचत होगी और कमजोर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। विशेष रूप से GLP-1 दवाओं जैसे ओजेम्पिक (टाइप 2 डायबिटीज) और वेगोवी (मोटापा कम करने वाली दवा) की कीमत $1000 से घटकर $350 हो गई है।
अमेरिका में गरीब और कम आय वाले लोगों के लिए मेडिकेड नामक सरकारी प्रोग्राम मौजूद है। यह एक संयुक्त फेडरल और स्टेट प्रोग्राम है, जो जरूरतमंद लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इसके तहत लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर के पास विजिट, आवश्यक दवाइयां, लैब टेस्ट, प्रेग्नेंसी केयर, बच्चों की वैक्सीनेशन और लॉन्ग-टर्म केयर जैसी सुविधाएं मिलती हैं। कई मामलों में ये सेवाएं पूरी तरह फ्री या बहुत कम को-पेमेंट पर उपलब्ध होती हैं। 2026 तक लगभग 8 करोड़ लोग मेडिकेड से लाभान्वित हैं, जिनमें ज्यादातर गरीब और कमजोर वर्ग शामिल हैं।
[featured type="Featured"]
TrumpRx की सबसे बड़ी खासियत यह है कि, सरकार अब दवाओं की कीमत तय कर सकती है, जो अमेरिकी दवा कंपनियों के लिए सीधे मुनाफे में कमी का खतरा है। अमेरिका में अब तक कंपनियां अपनी नई दवाओं की कीमतें खुद तय करती थीं, लेकिन TrumpRx के लागू होने के बाद सरकार अमेरिकियों के लिए कीमतें तय करेगी।
कंपनियों को डर है कि, इससे नई दवाओं में निवेश कम हो सकता है, क्योंकि रिसर्च और विकास में अरबों डॉलर खर्च होते हैं। MFN प्रोग्राम के तहत अमेरिका अब उन दवाओं की सस्ती कीमत विदेशों से आधार बनाएगा, जिससे कंपनियों को उनका सबसे बड़ा और लाभकारी अमेरिकी बाजार प्रभावित होगा। अब तक AbbVie, Johnson & Johnson और Regeneron जैसी तीन बड़ी कंपनियां समझौते से बाहर हैं।
TrumpRx का प्रभाव सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। विदेशी देशों में दवाओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। उदाहरण के लिए ब्रिटेन के साथ हुई डील में नई दवाओं की कीमत 25% बढ़ाई गई। अमेरिकी मरीजों को सस्ती दवाएं मिलेंगी, कंपनियों का अतिरिक्त पैसा अमेरिका वापस आएगा और देश में दवा निर्माण और शोध को बढ़ावा मिलेगा।
30 जनवरी 2026 को TrumpRx के लॉन्च इवेंट की योजना बनाई गई थी, लेकिन इसे पोस्टपोन कर दिया गया। योजना के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर अभी पूरी सहमति नहीं बनी है। दवा कंपनियों, बीमा सेक्टर और राज्यों ने कई आपत्तियां जताई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि, योजना को आधी-अधूरी तैयारी के साथ लॉन्च नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: अमीर होगी आने वाली जनरेशन! अमेरिका में जन्मे बच्चों को 92 हजार देंगे ट्रंप, क्या है सच्चाई?