Aakash Waghmare
27 Jan 2026
वॉशिंगटन डीसी। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराक को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इराक में नूरी अल-मलिकी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाया गया, तो अमेरिका इराक से अपना समर्थन वापस ले लेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि इराक एक बड़ा और गलत राजनीतिक फैसला ले सकता है।
उन्होंने कहा कि नूरी अल-मलिकी के पिछले कार्यकाल के दौरान देश गरीबी, अस्थिरता और हिंसा के दौर में चला गया था, और ऐसी स्थिति को दोबारा पैदा नहीं होने दिया जाना चाहिए। ट्रंप ने मलिकी की नीतियों और सोच पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी विचारधारा अव्यवहारिक और खतरनाक है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर मलिकी दोबारा सत्ता में आते हैं, तो अमेरिका इराक को किसी भी तरह की सहायता नहीं देगा।
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी समर्थन के बिना इराक के लिए स्थिरता, विकास, समृद्धि और स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ना बेहद मुश्किल होगा। ट्रम्प की इस चेतावनी को मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
नूरी अल-मलिकी शिया समुदाय के प्रमुख नेता माने जाते हैं और उन्हें ईरान का करीबी राजनीतिक सहयोगी भी माना जाता है। उन्होंने वर्ष 2006 से 2014 तक इराक के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था। उनके कार्यकाल को लेकर यह धारणा रही है कि इसी दौर में इराक में संप्रदायिक तनाव, राजनीतिक अस्थिरता और कट्टरपंथी संगठनों, खासकर ISIS जैसे आतंकी समूहों के उभार को बल मिला।
इस बीच, रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मौजूदा इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी से फोन पर बातचीत की। बातचीत के दौरान रुबियो ने उम्मीद जताई कि इराक की अगली सरकार मध्य पूर्व क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संतुलन स्थापित करने में सकारात्मक भूमिका निभाएगी।
इराक में 11 नवंबर 2025 को संसदीय चुनाव संपन्न हुए थे। यह चुनाव 329 सदस्यीय संसद के लिए हुआ, जो पहले राष्ट्रपति का चुनाव करती है और उसके बाद प्रधानमंत्री की नियुक्ति की जाती है। चुनाव परिणामों में प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के गठबंधन को सबसे अधिक सीटें मिलीं (करीब 46 सीटें), लेकिन कोई भी राजनीतिक गठबंधन स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर सका। इसी कारण सरकार गठन को लेकर विभिन्न दलों और गठबंधनों के बीच बातचीत और राजनीतिक मंथन का दौर जारी है।