चीन में एक ही परिवार के 11 लोगों को फांसी :अपराध की सबसे खौफनाक कहानी, साइबर माफिया का खात्मा

चीन में मिंग परिवार के 11 सदस्यों को हत्या, धोखाधड़ी, जुआ अड्डा संचालन और साइबर फ्रॉड जैसे गंभीर अपराधों में दोषी पाए जाने पर फांसी दी गई। यह कार्रवाई बीजिंग के इंटरनेशनल फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी सजा मानी जा रही है। गैंग म्यांमार सीमा से ग्लोबल ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क चला रहा था।
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अपराध की सबसे खौफनाक कहानी, साइबर माफिया का खात्मा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    चीन में एक ही परिवार के 11 सदस्यों को फांसी की सजा दिए जाने का मामला सामने आया है। झेजियांग प्रांत की एक अदालत ने सितंबर 2025 में इस परिवार को हत्या, धोखाधड़ी, अवैध जुए के अड्डे चलाने और संगठित अपराध समेत कई गंभीर मामलों में मौत की सजा सुनाई थी। गुरुवार (29 जनवरी) की सुबह सभी 11 लोगों को फांसी दे दी गई।

    पूरे इलाके पर था मिंग परिवार का नियंत्रण

    फांसी पाए लोगों को मिंग परिवार के नाम से जाना जाता था। यह परिवार चीन की सीमा से सटे म्यांमार के शहर लौक्काइंग को प्रभावी रूप से नियंत्रित करता था। यह इलाका पहले एक दूर-दराज क्षेत्र माना जाता था, लेकिन मिंग परिवार ने इसे धीरे-धीरे जुए के अड्डों, स्कैम सेंटर्स और रेड-लाइट एरिया में बदल दिया था।

    8 साल में 10 बिलियन युआन से ज्यादा की अवैध कमाई

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिंग परिवार ने वर्ष 2015 से 2023 के बीच अवैध गतिविधियों से करीब 10 बिलियन युआन (लगभग 1.4 बिलियन डॉलर) की कमाई की। इन आपराधिक गतिविधियों में 14 चीनी नागरिकों की मौत भी हुई थी।

    म्यांमार से गिरफ्तारी, फिर चीन प्रत्यर्पण

    साल 2023 में म्यांमार के अधिकारियों ने मिंग परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें चीन को सौंप दिया गया। चीन सरकार लगातार म्यांमार पर दबाव बना रही थी क्योंकि लौक्काइंग क्षेत्र से मिंग परिवार द्वारा टेलीकॉम फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क चलाया जा रहा था, जिसमें खास तौर पर चीनी नागरिकों को निशाना बनाया जाता था।

    14 चीनी नागरिकों की हत्या का भी आरोप

    इस क्राइम गैंग पर 14 चीनी नागरिकों की हत्या का आरोप था। यह मामला चीन के इंटरनेशनल फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ अभियान में अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। परिवार ने सजा के खिलाफ अपील भी की थी, लेकिन अपील खारिज होने के बाद सभी को मौत की सजा दी गई।

    लोगों से जबरन कराई जाती थी ऑनलाइन ठगी

    मिंग परिवार का नेटवर्क म्यांमार, कंबोडिया और लाओस में फैला हुआ था। यह गैंग कई जगहों पर ऑनलाइन स्कैम सेंटर्स चलाता था, जहां लोगों को ट्रैफिकिंग के जरिए लाया जाता था। उन्हें बंधक बनाकर जबरन ठगी करवाई जाती थी। ग्लोबल फ्रॉड नेटवर्क के तहत काम कराया जाता था।

    गैंग का सरगना: शी झिजियांग

    इस नेटवर्क का सरगना शी झिजियांग था, जिसे एशिया के सबसे कुख्यात साइबर अपराधियों में गिना जाता था। म्यांमार सीमा से संचालित इस नेटवर्क ने न सिर्फ चीन, बल्कि दुनियाभर के लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया।

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भी खुलासा

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में हजारों लोगों को जबरन लाया गया और उन्हें स्कैम नेटवर्क में काम करने के लिए मजबूर किया गया था। यह इलाका लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम का बड़ा केंद्र बना रहा।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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