Naresh Bhagoria
30 Jan 2026
Shivani Gupta
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Manisha Dhanwani
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भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर से एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। ईडी की भोपाल जोनल ऑफिस ने मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व प्रमुख सचिव स्वर्गीय अरविंद जोशी, IAS और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत करीब 5 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को जब्त किया है।

ईडी ने इस मामले की जांच लोकायुक्त (विशेष पुलिस स्थापना), भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। एफआईआर में आरोप है कि अरविंद जोशी और उनके सहयोगियों ने जुलाई 1979 से 10 दिसंबर 2010 के बीच अपनी ज्ञात आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जमा की, जो करीब 41.87 करोड़ रुपये बताई जाती है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों की जांच की जाती है।
जांच के दौरान ईडी को यह पता चला कि अवैध रूप से कमाई गई संपत्तियों को छिपाने के लिए इन्हें परिवार के सदस्यों और करीबियों के नाम पर खरीदी गईं। इसके अलावा, एसपी कोहली और उनके परिवार के नाम पर भी बेनामी संपत्तियां जोड़ी गईं, ताकि असली मालिक को छिपाया जा सके।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि संपत्तियों को छिपाने के लिए एक शेल कंपनी बनाई गई। इस कंपनी के नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं और एसपी कोहली को उस कंपनी का मैनेजर दिखाया गया। उन्हें पावर ऑफ अटॉर्नी दी गई ताकि असली मालिक का पता न चल सके और संपत्तियों की मालिकाना स्थिति को छिपाया जा सके।
ईडी ने अब तक कई अवैध संपत्तियों को जब्त किया है। इनमें भोपाल जिले में स्थित आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि और एक चालू रिसॉर्ट शामिल हैं। ईडी का कहना है कि यह सारी संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। ईडी ने यह कार्रवाई पूरी तरह से जांच के बाद की है।