Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

विंड एंड वेव्स में कर्मचारी को लगा करंट, तीन घंटे तक परिजनों को नहीं दी सूचना, पीएम से हुआ खुलासा, नाराज परिजनों और कर्मचारियों का चक्का जाम

Follow on Google News
विंड एंड वेव्स में कर्मचारी को लगा करंट, तीन घंटे तक परिजनों को नहीं दी सूचना, पीएम से हुआ खुलासा, नाराज परिजनों और कर्मचारियों का चक्का जाम
भोपाल। एमपी टूरिज्म के अधीन आने वाले विंड एंड वेव्स रेस्टोरेंट में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। हादसा कल शाम 6 बजे हुआ। परिजनों का आरोप है कि घटना बुधवार शाम 6 बजे की है और रात 9 बजे परिजनों को इसकी सूचना दी गई। रेस्टोरेंट प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक करंट लगने के बाद युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया था। गुरूवार सुबह जैसे ही यह जानकारी मृतक के अन्य परिजनों और स्टाफ को लगी, वे हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी के बाहर एकत्र हो गए। इसके बाद सभी ने नाराज होकर रॉयल मार्केट चौराहे पर चक्काजाम कर दिया।

पिता हैं मजदूर, मां करती है साफ-सफाई का काम

रोज की तरह बुधवार शाम को भी विंड एंड वेव्स रेस्टोरेंट में 27 साल का यशवंत यादव बिजली का काम कर रहा था। उसी समय उसे करंट लग गया। झटका इतना तेज था कि वह तत्काल जमीन पर गिर पड़ा। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इलाज शुरू होने से पहले ही यशवंत दम तोड़ चुका था। यशवंत पिछले डेढ़ साल से इस रेस्टोरेंट में इलेक्ट्रिशियन का काम कर रहा था। हादसे के तीन घंटे बाद रात 9 बजे करीब उसकी मौत की जानकारी परिवार वालों को दी गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें करंट लगने की जानकारी दी ही नहीं गई और गुरूवार सुबह जब शव का पोस्टमार्टम किया गया तब जाकर मौत का कारण सामने आया। शाहजहांनाबाद इलाके का निवासी यशवंत आर्थिक तौर पर बेहद कमजोर परिवार से नाता रखता था। उसके पिता मजदूरी करते हैं और मां घरों में जाकर साफ-सफाई का काम करती हैं।

मुश्किल से माने नाराज परिजन और कर्मचारी

गुरूवार सुबह जब हमीदिया अस्पताल की मर्चुरी में शव लेने के दौरान पीएम रिपोर्ट में करंट से मौत की पुष्टि हुई तो परिजन और कर्मचारी भड़क गए। उन्हें जब ये जानकारी मिली कि देर रात परिवार को मुआवजे के नाम पर केवल 50 हजार रुपए दिए गए हैं तो उन्होंने गुस्से में रॉयल मार्केट चौराहे पर चक्का जाम कर दिया। ये सभी मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे थे। जानकारी लगते ही पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे और नाराज लोगों को समझा-बुझाकर चक्का जाम खत्म कराया। इसके बाद यशवंत के शव को उसके घर भेजा गया।
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

Latest Posts