भोपाल। देशभर में आज यानी गुरुवार (29 जून) को ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाया जा रहा है। मस्जिदों व ईदगाहों में उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है। लोग एक-दूसरे को मुबारकबाद दे रहे हैं। घरों में दावतों का दौर चल रहा है। इसे बकरीद या कुर्बानी का त्योहार भी कहा जाता है। भोपाल के ईदगाह पर ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज अदा की गई। इस दौरान देश में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने गले लगकर एक-दूसरे को दी ईद की मुबारकबाद।
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आज के दिन कुर्बानी का क्या महत्व है
ईद की नमाज होने के बाद बकरे या किसी अन्य जानवर की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो जाता है। बकरीद पर कुर्बानी का काफी खास महत्व है। कुर्बानी के बाद जो गोश्त निकलता है, उसे तीन हिस्सों में बांट दिया जाता है। इनमें एक हिस्सा खुद के लिए, एक रिश्तेदारों के लिए और एक गरीबों के लिए होता है। इन हिस्सों को सही से बांटने के बाद ही कुर्बानी का गोश्त जायज माना जाता है। रमजान के पवित्र महीने के ठीक 70 दिन बाद बकरीद मनाई जाती है।
लाखों में बिके बकरे
भोपाल में बकरे लाखों में बिके हैं। टायसन और जानशीन की कीमत 7 लाख रुपए है। ईद के लिए भोपाल में खास तौर पर बकरे तैयार किए गए थे। हर एक का वजन करीब 150 किलो था, खाने-पीने से लेकर आराम तक का खास ख्याल रखा गया था। टायसन को 3.5 लाख में मुंबई और जानशीन को 3.5 लाख में पुणे के खरीदार ने खरीदा।
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