Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

‘रूस से तेल खरीदा तो देना होगा भारी टैक्स...’ ट्रंप ने फिर दी भारत को धमकी, बोले- PM मोदी ने वादा किया था

Follow on Google News
‘रूस से तेल खरीदा तो देना होगा भारी टैक्स...’ ट्रंप ने फिर दी भारत को धमकी, बोले- PM मोदी ने वादा किया था
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से तेल खरीदी को लेकर भारत को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि, अगर भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया, तो उसे ‘भारी टैक्स’ चुकाना पड़ेगा। इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि, पीएम मोदी उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया था।

    ट्रंप बोले- मोदी को निभाना होगा वादा

    डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि, पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। लेकिन अगर भारत ऐसा करता रहा, तो उन्हें भारी टैरिफ चुकाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि, भारत का रूस से तेल खरीदना, मॉस्को को यूक्रेन युद्ध के लिए आर्थिक मदद देना है।

    ओवल ऑफिस में ट्रंप का दावा

    यह बयान ट्रंप के उस अप्रत्याशित ऐलान के बाद आया, जो उन्होंने 15 अक्टूबर को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में किया था। उन्होंने कहा था कि, भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। इसके साथ ही उन्होंने इसे एक बड़ा कदम बताया था।

    ट्रंप ने कहा कि, भारत अपनी लगभग एक-तिहाई तेल की जरूरत रूस से पूरी करता है और यह खरीदारी सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध को आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम करती है।

    भारत ने खारिज किया ट्रंप का दावा

    भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, हाल ही में ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच कोई बात नहीं हुई है।

    उन्होंने कहा कि, भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग पर चर्चा जारी है, लेकिन हमें ऐसी किसी बातचीत की कोई जानकारी नहीं है। जिसमें भारत ने रूसी तेल खरीद बंद करने का आश्वासन दिया हो।

    रूसी तेल पर भारत का रुख

    भारत ने कई बार स्पष्ट किया है कि, रूस से तेल खरीदना राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा मामला है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देशों से तेल खरीदता है। रूस से आयात इसलिए बढ़ाया गया क्योंकि वहां से तेल रियायती दरों पर मिलता है। भारत का तर्क है कि, ऊर्जा जरूरतें राजनीतिक विचारों से ऊपर हैं और वह अपने हितों को ध्यान में रखकर ही फैसला लेगा।

    अमेरिका का बढ़ता दबाव और व्यापारिक असर

    ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने पहले ही भारत पर कई उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिए हैं। कपड़ा, दवा और स्टील जैसे प्रमुख निर्यात उत्पादों पर अमेरिका ने 50% तक का आयात शुल्क लगा दिया है। अब ट्रंप का कहना है कि, अगर भारत रूस से तेल आयात जारी रखता है, तो यह शुल्क लागू रहेंगे या और बढ़ भी सकते हैं।

    रूस से भारत का तेल व्यापार

    ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ सालों में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है। वर्तमान में भारत अपने कुल कच्चे तेल का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रूस से आयात करता है। रूस से मिलने वाला रियायती तेल भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से फायदेमंद माना जाता है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    Latest Posts