दिलजीत दोसांझ के इंदौर कॉन्सर्ट पर विवाद, चार गानों पर लगी रोक, जानिए क्या है पूरा मामला!

इंदौर। पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ के फैंस को उनके इंदौर कॉन्सर्ट का इंतजार है, लेकिन कार्यक्रम से पहले ही यह शो चर्चा में आ गया है। 15 नवंबर को होने वाले इस कॉन्सर्ट में अब दिलजीत अपने कुछ लोकप्रिय गाने नहीं गा सकेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने चार गानों को लेकर आयोजकों को पत्र भेजा है। इनमें शराब, नशे और हथियारों से जुड़े बोल वाले गाने शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम में छोटे बच्चे भी शामिल होंगे, इसलिए उनके सामने ऐसे गाने नहीं गाए जाने चाहिए।
दिलजीत के इन चार गानों पर लगाई गई रोक
दिलजीत दोसांझ का 15 नवंबर को इंदौर के सी-21 मॉल में लाइव कॉन्सर्ट होने वाला है। यह कार्यक्रम उनके ऑरा इंडिया टूर का हिस्सा है। इससे पहले महिला एवं बाल विकास विभाग ने मॉल प्रबंधन को पत्र भेजकर चार गानों को कार्यक्रम में शामिल नहीं करने का निर्देश दिया है। इनमें 'पटियाला पैग', '5 तारा ठेके', 'जेब विचों लभिया' और 'जट्ट उठे फायर करदा जित्थे पाबंदी हथियारां दी' शामिल हैं। विभाग के अनुसार, इन गानों के बोल बच्चों पर गलत असर डाल सकते हैं। इसलिए आयोजकों को इन निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
इस मामले की शुरुआत चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धरेनावर की शिकायत से हुई। उन्होंने 1 नवंबर को जिला बाल संरक्षण अधिकारी को पत्र भेजा था। शिकायत में उन्होंने दिलजीत के चार गानों पर रोक लगाने की मांग की थी। उनका कहना था कि इन गानों में शराब, नशे और हथियारों का जिक्र बच्चों के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी मांग की थी कि इन गानों को बदले हुए बोलों के साथ भी नहीं गाया जाना चाहिए। उनकी शिकायत के बाद विभाग ने आयोजकों को जरूरी निर्देश जारी किए।
बच्चों को लेकर प्रोफेसर ने उठाए ये सवाल
प्रोफेसर ने अपनी शिकायत में केवल गानों का मुद्दा नहीं उठाया था। उन्होंने कॉन्सर्ट के दौरान बच्चों को मंच पर बुलाने पर भी आपत्ति जताई थी। इसके अलावा दिलजीत के कपड़ों पर दिखाई देने वाली नकली कारतूस वाली बेल्ट को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि इस तरह के प्रतीक बच्चों के सामने हथियारों और हिंसा को बढ़ावा देने वाला संदेश दे सकते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में तेज आवाज और चमकती लाइटों को लेकर भी चिंता जताई थी। उनके अनुसार, तेज आवाज बच्चों की सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है।
पांच साल से बड़े बच्चों को मिलेगी एंट्री
कॉन्सर्ट में पांच साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों को आने की अनुमति दी गई है। इसी वजह से प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा और उनके ऊपर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखकर यह निर्देश दिया है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी की ओर से 6 नवंबर को जारी पत्र की जानकारी इंदौर कलेक्टर, संबंधित अधिकारियों और विजय नगर थाना प्रभारी को भी भेजी गई है। पत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का भी जिक्र किया गया है।




















