चिंतामन गणेश और महाकाल दर्शन के साथ शुरू हुई दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा, 70 दिन में अयोध्या पहुंचने का लक्ष्य

भोपाल।मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू हो गई। करीब 930 किलोमीटर की यह यात्रा लगभग 70 दिन में अयोध्या के राम मंदिर पहुंचेगी। यात्रा शुरू करने से पहले दिग्विजय सिंह ने पत्नी अमृता सिंह के साथ चिंतामन गणेश मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वे बालाजी गार्डन पहुंचे, जहां पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर पूजन किया गया। यहां बड़ी संख्या में संत समाज के लोग एकत्रित हुए थे। चिंतामन गणेश और महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद यात्रा रवाना हुई। यात्रा में शिव-पार्वती की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और चढ़ावे में पारदर्शिता की मांग
दिग्विजय सिंह मंदिरों में चढ़ावे और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर यह यात्रा निकाल रहे हैं। इसमें साधु-संतों, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, विधायकों और महिला प्रतिनिधियों के शामिल हो रहे हैं। यात्रा में प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर पैदल चलने की योजना है। दिग्विजय सिंह यात्रा की तैयारी के लिए रोजाना लगभग 8 किलोमीटर पैदल चलने का अभ्यास कर रहे थे। आयोजकों के मुताबिक, आगे के पड़ावों पर प्रतिदिन 1,000 से 1,500 लोगों के जुड़ने की संभावना है।

भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की प्रतिमाओं वाला रथ भी साथ
यात्रा के साथ एक विशेष रथ भी चलेगा। इसमें भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। रथ में गंगा, यमुना, शिप्रा, कावेरी और नर्मदा के जल से भरे कलश भी रखे जाएंगे। यात्रा के माध्यम से धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और चढ़ावे में पारदर्शिता का मुद्दा उठाया जाएगा। कांग्रेस विधायक महेश परमार के मुताबिक, यात्रा के शुरुआती पड़ाव उज्जैन जिले में रहेंगे। पहले दिन कानीपुरा में यात्रियों के ठहरने, भोजन, चाय और नाश्ते की व्यवस्था की गई है।
संत समाज में उत्साह, शंकराचार्य ने दिया आशीर्वाद
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को लेकर संत समाज में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने पत्र जारी कर अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया। अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि रामकृष्णानंद ने भी यात्रा का समर्थन किया है। अयोध्या के संत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने भी इस पहल के प्रति समर्थन जताया है। यात्रा में महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा सहित कई संतों के शामिल होने की बात कही गई है।
राष्ट्रीय हिंगलाज सेना ने दिया समर्थन
‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को राष्ट्रीय हिंगलाज सेना ने अपना समर्थन एवं शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रीय हिंगलाज सेना की अध्यक्ष लक्ष्मीमणि शास्त्री ने दिग्विजय सिंह जी को भेजे अपने पत्र में यात्रा के पावन संकल्प पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि धर्मगुरुओं एवं संतों के आशीर्वाद से आयोजित यह पदयात्रा सनातन संस्कृति के मूल स्तंभों सत्य, करुणा, न्याय एवं सामाजिक समरसता को जागृत करने का वंदनीय प्रयास है।
हर्षा रिछारिया ने उठाए सवाल, राम मंदिर निर्माण के समय नहीं दिखा ऐसा उत्साह
मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण हुआ, तब वैसी खुशी और उत्साह नहीं दिखा, जैसा अब मंदिर के चंदे को लेकर सवाल उठाने में नजर आ रहा है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि चुनाव नजदीक आने पर ही भगवान राम की याद क्यों आ रही है और अब उन्हें इंसाफ दिलाने का संकल्प क्यों लिया जा रहा है।




















