Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
Garima Vishwakarma
4 Feb 2026
इंदौर। मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने रविवार को इंदौर पुलिस कंट्रोल रूम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था, अपराधों की स्थिति, थानों की व्यवस्थाओं और संवेदनशील मामलों पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही आमजन से सीधे फीडबैक लेने के लिए QR कोड सिस्टम का अनावरण भी किया गया।
डीजीपी ने राजेंद्र नगर और तेजाजी नगर थानों को ISO प्रमाणन का मोमेंटो सौंपा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। इंदौर-देवास रोड पर लगने वाले जाम पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर योजना बन रही है, और 50 से अधिक पुलिसकर्मी इस मार्ग पर तैनात किए गए हैं।
डीजीपी ने इंदौर और भोपाल में लव जिहाद की घटनाओं पर कहा कि अधिकारियों को इस पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में नक्सल समस्या केवल बालाघाट जिले तक सीमित है और बीते 6 महीनों में 10 नक्सलियों का सफाया किया गया है, जो एक रिकॉर्ड उपलब्धि है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी से पहले इंदौर में छिपे रहने को लेकर डीजीपी ने कहा, ‘इंदौर बड़ा शहर है, हर व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रख पाना व्यावहारिक रूप से मुश्किल होता है।’ उन्होंने माना कि खुफिया व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
डीजीपी मकवाना ने कहा कि कई सालों से थानों में जमे पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण कर कार्यप्रणाली में सुधार लाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस विभाग में 25 हजार पद स्वीकृत हैं और खाली पदों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही ‘हॉक फोर्स’ के 325 नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं, जो विशेष रूप से नक्सल विरोधी अभियान में लगेंगे।
डीजीपी ने यह भी कहा कि नागरिकों को बेहतर सेवा देने के लिए नए थानों की सीमाओं का अध्ययन कर नए थाना क्षेत्रों पर भी काम किया जाएगा। थानों में बल की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि तेजी से कार्रवाई की जा सके।