विकास के दावों की खुली पोल! प्रसव पीड़ा में गर्भवती को चारपाई पर लिटाया, उफनती नदी कंधों पर पार कराई

मुरैना। मध्य प्रदेश में गांव-गांव तक विकास पहुंचने के दावों के बीच मुरैना के सबलगढ़ क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं। जॉन्सिल पंचायत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ी। महिला को चारपाई पर लिटाया गया और ग्रामीणों ने उसे कंधों पर उठाकर उफनती नदी का तेज बहाव पार कराया। नदी में बढ़ा पानी और तेज धार देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि महिला को दूसरी तरफ ले जाना कितना खतरनाक था। लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचाने की मजबूरी के आगे ग्रामीणों के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था।
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एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची तो चारपाई बनी सहारा
बताया जा रहा है कि गांव तक एंबुलेंस पहुंचने के लिए पर्याप्त सड़क और सुरक्षित रास्ता उपलब्ध नहीं है। महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद अस्पताल ले जाने की जरूरत थी, लेकिन वाहन के गांव तक पहुंचने की स्थिति नहीं थी। आखिरकार ग्रामीणों ने महिला को चारपाई पर लिटाया। कई लोग चारपाई को कंधों पर उठाकर नदी के बीच से आगे बढ़े। पानी का बहाव तेज था और एक छोटी सी चूक महिला समेत ग्रामीणों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती थी।
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कैमरे के सामने फूटा महिलाओं का गुस्सा
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश भी खुलकर सामने आया। महिलाओं ने नेताओं और प्रशासन को सवालों के घेरे में लेते हुए कहा कि चुनाव के दौरान गांव में सड़क, पुल और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के वादे किए जाते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को अपनी व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। महिलाओं का कहना है कि अगर गांव में सड़क और पुल की सुविधा होती तो गर्भवती महिला को इस तरह जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती।
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बारिश आते ही कट जाता है संपर्क
ग्रामीणों के मुताबिक यह समस्या सिर्फ एक दिन की नहीं है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ते ही गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे में बीमार लोगों, बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। इसके बाद मरीजों को चारपाई या कंधों के सहारे नदी-नाले पार कर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
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सवाल सिर्फ सड़क का नहीं, जिंदगी का है
सबलगढ़ की यह तस्वीर विकास के दावों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करती है. क्या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए आज भी उफनती नदी पार करनी पड़ेगी? सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के दावे करती है, लेकिन वायरल वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठा रही है। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जॉन्सिल पंचायत में सड़क और सुरक्षित आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान करे। साथ ही बारिश के दौरान आपात स्थिति में एंबुलेंस और स्वास्थ्य सेवाएं गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करे।




















