Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

₹14 हजार नहीं, ₹30 हजार चाहिए! स्टाइपेंड के लिए CM हाउस निकले इंटर्न डॉक्टर, पुलिस ने हमीदिया में बैरिकेडिंग कर रोका

भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों ने CM हाउस मार्च का ऐलान किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हमीदिया अस्पताल में ही रोक दिया। डॉक्टरों को अभी ₹14,337 स्टाइपेंड मिलता है और वे इसे बढ़ाकर ₹30 हजार करने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब आश्वासन नहीं, सिर्फ लिखित आदेश चाहिए।
₹14 हजार नहीं, ₹30 हजार चाहिए! स्टाइपेंड के लिए CM हाउस निकले इंटर्न डॉक्टर, पुलिस ने हमीदिया में बैरिकेडिंग कर रोका
भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों ने CM हाउस मार्च का ऐलान किया।

भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकालने का ऐलान किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हमीदिया अस्पताल परिसर में ही रोक दिया। अस्पताल के आसपास बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए गए हैं। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ रिजर्व पुलिस बल, वाटर कैनन और कई पुलिस वाहन तैनात किए गए हैं। एसडीएम समेत प्रशासन के कई अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

CM हाउस की ओर जाना चाहते थे डॉक्टर

इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल के गेट नंबर-1 से मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च निकालने की तैयारी की थी। उनका कहना है कि करीब डेढ़ महीने पहले सरकार की ओर से स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब तक स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें मौखिक आश्वासन पर भरोसा करने के बजाय सरकार का आधिकारिक आदेश चाहिए।

₹14,337 से बढ़ाकर ₹30 हजार की मांग

फिलहाल इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने ₹14,337 स्टाइपेंड मिल रहा है। डॉक्टरों की मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम ₹30 हजार प्रतिमाह किया जाए। इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक, शासन की तरफ से एक महीने के भीतर फैसला लेने का मौखिक आश्वासन दिया गया था। एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी जब कोई लिखित आदेश नहीं आया तो डॉक्टरों ने अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए मार्च निकालने का फैसला किया। उनका कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन से बात नहीं बनेगी। उनका साफ कहना है- ₹14,337 नहीं, ₹30 हजार चाहिए और अब आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए।

अस्पताल के रास्तों पर पुलिस का पहरा

डॉक्टरों के मार्च से पहले ही पुलिस ने हमीदिया अस्पताल परिसर की घेराबंदी कर दी। बाहर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। इमरजेंसी गेट को भी ब्लॉक किए जाने की बात सामने आई है। मौके पर वाटर कैनन और पुलिस के दूसरे वाहन भी खड़े किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और डॉक्टरों के आंदोलन पर नजर रख रहे हैं।

‘हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण है’

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। वे सरकार से कोई नई घोषणा नहीं, बल्कि पहले दिए गए आश्वासन को आधिकारिक रूप देने की मांग कर रहे हैं। इंटर्न डॉक्टर मोहित मिश्रा ने कहा कि वे मुख्यमंत्री निवास जाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलना चाहते थे, लेकिन उनके सामने पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने पहले संवैधानिक तरीके से अपनी मांग रखी और सभी नियमों का पालन किया। जब उनकी बात नहीं सुनी गई, तब मार्च निकालने का फैसला लिया गया।

Breaking News

‘यूपी में बढ़ा तो MP में क्यों नहीं?’

इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड अभी करीब ₹14 हजार है और इसे बढ़ाकर ₹30 हजार करने की मांग की जा रही है। उनके मुताबिक, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा था कि अगर उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ता है तो मध्य प्रदेश में भी इसे बढ़ाया जाएगा। अब उत्तर प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹25 हजार करने का आदेश जारी हो चुका है। ऐसे में मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर भी सरकार से जल्द फैसला लेने की उम्मीद कर रहे हैं।

 

प्रदेश में करीब 3,600 इंटर्न डॉक्टर

जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में करीब 2 हजार शासकीय इंटर्न डॉक्टर हैं, जबकि प्रदेश में कुल इंटर्न डॉक्टरों की संख्या करीब 3,600 है। उन्होंने दावा किया कि दूसरे मेडिकल कॉलेजों से आए इंटर्न डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हैं। सागर के इंटर्न डॉक्टरों की बस को नादरा बस स्टैंड पर रोके जाने की बात भी उन्होंने कही।

ये भी पढ़ें: भोपाल के होटल में फ्रेशर्स पार्टी के दौरान हंगामा, नाबालिगों की एंट्री की सूचना पर पहुंचे हिंदू संगठन,सामने आया पूरा VIDEO

‘लिखित आदेश आने तक यहीं बैठेंगे’

इंटर्न डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि जब तक मुख्यमंत्री की तरफ से स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक वे हमीदिया अस्पताल परिसर में ही बैठे रहेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि वे सरकार से सिर्फ अपना वादा पूरा करने की मांग कर रहे हैं। अब उनकी मांग सीधी है- बातों में नहीं, कागज पर फैसला चाहिए।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

Latest Posts