खिलचीपुर: मेरे शब्द, मेरी कहानी पठन अभियान, विधायक हजारीलाल दांगी ने किया शुभारंभ

खिलचीपुर। 8 सितंबर को जिले के प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य रूप से कहानी-कथन गतिविधि आयोजित की जाएगी। बच्चों को कहानी सुनने के साथ उस पर विचार करने, प्रश्न पूछने, समझने और अपने शब्दों में व्यक्त करने का अवसर दिया जाएगा। जिले के सभी विकासखंडों में पठन वैन भ्रमण करेगी और बच्चों को किताबों, कहानियों से जोड़कर पढ़ने की संस्कृति को मजबूत किया जाएगा।
अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले सहित अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी राजगढ़ सुशील कुमार, डीपीसी, डाइट प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अभियान को प्रभावी और सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
ये भी पढ़ें: प्रेमी ने दूसरी युवती को घर में रखा, अजन्मे बच्चे का हक मांगने पहुंची गर्भवती प्रेमिका, फिर जंगल में मिली लाश
8 सितंबर को हर स्कूल में कहानी-कथन
अभियान के अंतर्गत 8 सितंबर को जिले के प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य रूप से बच्चों को एक कहानी सुनाई और सिखाई जाएगी। कहानी के माध्यम से बच्चों को केवल सुनने तक सीमित न रखते हुए उस पर विचार करने, प्रश्न पूछने, समझने और कहानी को अपने शब्दों में व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
पढ़ने के साथ सोचने-समझने की आदत
अभियान का उद्देश्य बच्चों के पठन कौशल को विकसित करने के साथ-साथ उनमें स्वतंत्र चिंतन, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रभावी अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ावा देना है। बच्चों को पुस्तकों और कहानियों से जोड़कर उनमें नियमित पठन की रुचि विकसित करना अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
सभी विकासखंडों में भ्रमण करेगी पठन वैन
मेरे शब्द, मेरी कहानी अभियान को जिले के सभी विद्यालयों और समुदायों तक पहुंचाने के लिए पठन वैन जिले के समस्त विकासखंडों में भ्रमण करेगी। पठन वैन के माध्यम से बच्चों को पुस्तकों से जोड़ने, कहानी-कथन और पठन गतिविधियों के आयोजन, विद्यालयों में पढ़ने की संस्कृति को मजबूत करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
ये भी पढ़ें: ग्वालियर: डबरा में 20 बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बने, एसटीएफ ने गवाह को किया गिरफ्तार
बच्चों को अपने शब्दों में कहानी कहने का अवसर
अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी विद्यालयों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अभियान के माध्यम से बच्चों को पढ़ने, सोचने, समझने और अपनी बात को अपने शब्दों में व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मेरे शब्द, मेरी कहानी का संदेश है-बच्चे पढ़ें, सोचें, समझें और अपने शब्दों में अपनी कहानी कहें।




















