Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

देशभर में बारिश का कहर :ओडिशा में 1 लाख लोगों को हटाने की तैयारी, असम में मौतों का आंकड़ा 75 पहुंचा, हिमाचल-उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से हालात गंभीर

देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ओडिशा में एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। असम में बाढ़ से 75 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन के चलते सड़कें बंद हैं और चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ा है।
ओडिशा में 1 लाख लोगों को हटाने की तैयारी, असम में मौतों का आंकड़ा 75 पहुंचा, हिमाचल-उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से हालात गंभीर

देशभर में लगातार हो रही बारिश अब बड़े संकट का रूप लेती जा रही है। गुजरात और असम के बाद अब ओडिशा भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। दूसरी ओर असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 75 हो गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे सड़कें बंद हो गई हैं और चारधाम यात्रा भी दो दिन के लिए रोकनी पड़ी है। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भी भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।

ओडिशा में अगले 24 घंटे सबसे अहम, कई जिले हाई अलर्ट पर

ओडिशा सरकार ने राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में स्थिति को गंभीर मानते हुए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने समीक्षा बैठक के बाद कहा कि गहरे दबाव के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उनके अनुसार बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिले अगले 24 घंटे के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। इसके अलावा क्योंझर, सुंदरगढ़ और संबलपुर पर भी प्रशासन विशेष नजर रखे हुए है। राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने हालात की निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की तैनाती की है। राहत कार्यों में ओड्राफ (ODRAF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

राहत शिविरों में भोजन से लेकर शिशु आहार तक की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग जिलों में राहत शिविर बनाए गए हैं। यहां लोगों को पका हुआ भोजन, सूखा राशन और छोटे बच्चों के लिए शिशु आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है। स्थिति को देखते हुए बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, सुंदरगढ़ और क्योंझर** जिलों के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को अगली सूचना तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। जल संसाधन विभाग ने फिलहाल हीराकुड बांध के डिस्चार्ज गेट बंद रखने का निर्णय लिया है ताकि पानी का प्रवाह नियंत्रित किया जा सके।

असम में 75 लोगों की मौत, तीन लाख से ज्यादा लोग अब भी प्रभावित

असम में बाढ़ का संकट अभी भी कम नहीं हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, शिवसागर जिले के नजीरा राजस्व सर्किल में सात नई मौतों की पुष्टि के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। फिलहाल राज्य के 7 जिलों के 622 गांवों के 3,32,639 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सबसे ज्यादा असर चराईदेव जिले में देखा जा रहा है। राहत कार्यों के लिए 81 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जबकि सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव अभियान में लगी हुई हैं।

Breaking News

हिमाचल में भूस्खलन से सड़कें बंद, उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रोकी गई

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। चंबा जिले में हुए भूस्खलन से करीब एक दर्जन वाहन और कई मकान मलबे में दब गए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण 108 सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए भारी बारिश और अचानक बाढ़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के निर्देश पर सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा मंगलवार और बुधवार के लिए स्थगित कर दी गई है।

National Weather: 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा

दिल्ली समेत कई राज्यों में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद कई सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जुलाई महीने में पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा दिन रहा। वहीं नोएडा सेक्टर-16 में डिवाइडर गिरने से एक बाइक सवार घायल हो गया। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में भी जलभराव और ट्रैफिक बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

Latest Posts