7 मौतों के बाद जागा प्रशासन! 5 गिरफ्तारियां, 27 इमारतों पर चलेगा बुलडोजर; PG के नियम भी बदलेंगे

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद अब नगर निगम ने जर्जर और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर कार्रवाई तेज कर दी है। 6 सितंबर को हुए इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद दिल्ली में खासतौर पर उन इमारतों की जांच शुरू कर दी गई है, जहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल के रूप में रहते हैं। MCD की टीमों ने तीन जोन में प्राइवेट हॉस्टल और PG की जांच की। इस दौरान 51 इमारतें खतरनाक और जर्जर हालत में मिलीं। इनमें से 27 इमारतों को गिराने के आदेश दिए गए हैं, जबकि 7 इमारतों को सील किया गया है। इसके अलावा 35 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
हादसे में अब तक 5 लोगों की गिरफ्तारियां
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के मामले में पुलिस की कार्रवाई भी लगातार जारी है। मामले में अब तक मकान मालिक हरिराम पत्नी और बेटे महेश की गिरफ्तारी हो चुकी है। आज PG ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार किया गया है, जबकि काशगंज से लेबर कांट्रेक्टर को भी पुलिस ने पकड़ा है।
आज कोर्ट में किया जाएगा पेश
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के मामले में गिरफ्तार मकान मालिक के बेटे महेश को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसकी दो दिन की पुलिस कस्टडी बुधवार को पूरी हो रही है। इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने पूछताछ के लिए महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से इमारत के रखरखाव का काम देखता था। पुलिस के अनुसार, अगस्त 2025 में इस इमारत को PG ऑपरेटर ‘हॉस्टल डेज’ को लीज पर दिया गया था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत की हालत खराब होने के बावजूद वहां PG और हॉस्टल का संचालन कैसे जारी रहा और हादसे के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
हादसे वाली इमारत के आसपास भी चलेगा बुलडोजर
सत्य निकेतन में जिस इमारत में हादसा हुआ, उसके आसपास मौजूद कमजोर भवनों को लेकर भी प्रशासन सतर्क हो गया है। MCD अब ऐसी इमारतों को सुरक्षित तरीके से गिराने की तैयारी कर रहा है। डिमोलिशन से पहले कमजोर इमारतों को लोहे के मजबूत बीम और सपोर्ट दिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यह है कि भवन गिराते समय आसपास मौजूद लोगों, दूसरी संपत्तियों और कार्रवाई में शामिल कर्मचारियों को नुकसान न पहुंचे। सत्य निकेतन में हॉस्टल डेज के पास मौजूद एक जर्जर इमारत को भी गिराने की तैयारी चल रही है। मंगलवार को इसके ऊपर बने वॉटर प्लांट और कैंटीन को हटाया गया। टिन शेड को गैस कटर की मदद से काटकर निकाल दिया गया है। अब अगले चरण में भवन को सुरक्षित तरीके से हटाने की तैयारी की जा रही है।
दरारों वाली इमारतों में रह रहे थे छात्र
MCD के सर्वे में एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई। कुछ ऐसी इमारतों में भी छात्र रह रहे थे, जिन्हें जर्जर या असुरक्षित माना गया है। PG में रहने वाले छात्रों ने अपनी परेशानी के वीडियो भी बनाए हैं। कुछ वीडियो में छात्र इमारत की दीवारों में आई दरारों को दिखाते हुए चिंता जाहिर करते नजर आए। उनका कहना था कि अगर दरारें लगातार बढ़ रही हैं तो यहां रहना किसी खतरे से कम नहीं है। सत्य निकेतन हादसे के बाद कई छात्र इलाके से दूसरी सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट होने लगे हैं। हादसे की खबर के बाद छात्रों के परिवार भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद तेज हुआ सर्वे
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। इसके बाद MCD की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर लगातार जांच कर रही हैं। अधिकारी हॉस्टल और PG संचालकों से जरूरी दस्तावेज मांग रहे हैं। इनमें फायर NOC, भवन से जुड़े कागजात, हॉस्टल चलाने की अनुमति और सुरक्षा से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। जांच के दौरान कुछ ऐसी इमारतें भी मिलीं, जहां इमरजेंसी एग्जिट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कई जगह फायर डिपार्टमेंट की NOC भी नहीं मिली। नियमों का पालन नहीं करने वाली इमारतों के खिलाफ अब सीलिंग और डिमोलिशन की कार्रवाई की जा रही है।
PG के लिए नए नियम बनाने की तैयारी
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार अब PG व्यवस्था को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी में है। मंगलवार को छात्रों के साथ बैठक भी हुई, जिसमें किराए, सुरक्षा और दूसरी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रस्तावित नियमों के तहत सभी PG संचालकों के लिए लाइसेंस लेना जरूरी किया जा सकता है। इसके लिए संचालकों को तीन महीने का समय देने की बात सामने आई है। इसके अलावा सिक्योरिटी डिपॉजिट को लेकर भी सीमा तय करने का प्रस्ताव है। इसके तहत मकान मालिक तीन महीने के किराए से ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ले सकेंगे।
मनमाना किराया वसूलने पर भी लगेगी रोक
नई प्रस्तावित व्यवस्था में PG के किराए को भी नियंत्रित करने की योजना है। अलग-अलग इलाकों के लिए किराए की सीमा तय की जा सकती है, ताकि छात्रों से मनमाना किराया न वसूला जाए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में छात्रों वाले PG में रात के समय सुरक्षा गार्ड रखना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। छात्रों की शिकायतों, जबरन बेदखली और भवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए भी नियम बनाए जाने की तैयारी है।
अब सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में यह सवाल सबसे अहम हो गया है कि क्या नई व्यवस्था छात्रों को सुरक्षित और बेहतर रहने की जगह दे पाएगी। MCD की कार्रवाई और प्रस्तावित PG नीति आने वाले दिनों में राजधानी में हजारों छात्रों के लिए बड़ा बदलाव ला सकती है।



















