तीसरे दिन भी नहीं माने इंटर्न डॉक्टर्स, आज भी बंद रहेगी OPD; 30 हजार स्टाइपेंड की मांग पर खोला मोर्चा

भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांग को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के चलते आज मेडिकल कॉलेज में OPD सेवाएं बंद रखने का फैसला लिया गया है। हालांकि गंभीर मरीजों की परेशानी को देखते हुए इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी।
14 हजार से 30 हजार रुपए स्टाइपेंड करने की मांग
इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से अपने स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें फिलहाल करीब 14,337 रुपए प्रति माह स्टाइपेंड मिलता है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति माह किया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पतालों में लगातार काम करते हैं और मरीजों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने आंदोलन शुरू किया है। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि सरकार की ओर से केवल मौखिक आश्वासन मिलने से बात नहीं बनेगी। वे चाहते हैं कि स्टाइपेंड बढ़ाने के फैसले को लेकर उन्हें लिखित और स्पष्ट आश्वासन दिया जाए।
CM हाउस के पास सड़क पर बैठे डॉक्टर
सोमवार को आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टर सीएम हाउस से करीब 100 मीटर दूर कमला पार्क क्षेत्र में सड़क पर बैठ गए थे। बड़ी संख्या में डॉक्टरों के सड़क पर बैठने के कारण इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने डॉक्टरों से बातचीत कर रास्ता खाली कराने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। प्रदर्शन के कारण कमला पार्क और आसपास के क्षेत्रों में काफी देर तक ट्रैफिक धीमा रहा। यातायात को सामान्य बनाए रखने के लिए सड़क का एक हिस्सा वाहनों के लिए खोल दिया गया। इसके बावजूद पॉलिटेक्निक चौराहे से रेतघाट की ओर जाने वाले रास्ते पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही।

वाटर कैनन और लाठीचार्ज के आरोप से बढ़ा विवाद
इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि सोमवार को पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया गया। डॉक्टरों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उनकी मांग है कि प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, अगर किसी पुलिसकर्मी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारी घायल छात्रों को मुआवजा देने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार से माफी की मांग भी की है।
जूनियर और सीनियर डॉक्टर भी आंदोलन के साथ
इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को अब दूसरे डॉक्टरों का भी समर्थन मिलने लगा है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाएं बंद रखने का आह्वान किया है। वहीं, मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश मालवीय के मुताबिक, भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज से जुड़े हमीदिया अस्पताल में भी सीनियर डॉक्टर OPD से दूरी बनाएंगे। हालांकि मरीजों को पूरी तरह परेशान न होना पड़े, इसके लिए गंभीर और जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। ऐसे में OPD बंद रहने से सामान्य मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आपात स्थिति में इलाज की व्यवस्था जारी रहेगी।

सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत जारी
इंटर्न डॉक्टरों की मांग को लेकर सरकार और डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है। प्रशासन की ओर से डॉक्टरों को समझाने और आंदोलन खत्म कराने की कोशिश की जा रही है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि बातचीत तभी सफल मानी जाएगी, जब उन्हें स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर ठोस फैसला और लिखित भरोसा मिलेगा। डॉक्टरों की मुख्य मांग है कि मौजूदा 14,337 रुपए के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपए किया जाए। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले में जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी सामने रखी गई है। एडिशनल सीपी भोपाल शैलेंद्र सिंह चौहान समेत पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हो और शहर की यातायात व्यवस्था भी सामान्य बनी रहे।

















