CM रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया 'लक्ष्मी योजना' पोर्टल,पात्र महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को बहुप्रतीक्षित 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च कर दिया। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से राजधानी की 17 लाख से ज्यादा महिलाएं लाभान्वित होंगी। पोर्टल लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार बनने के समय महिलाओं से किया गया वादा अब पूरा हो गया है। उन्होंने इसे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
रेखा गुप्ता बोलीं- डेढ़ साल में पूरा किया महिलाओं से किया वादा
पोर्टल लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज हम सभी के लिए खुशी का दिन है। दिल्ली की बहनों से सरकार बनाते समय जो संकल्प लिया था, उसे हमने सिर्फ डेढ़ साल में पूरा कर दिया। यह योजना जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिसके तहत उन्हें हर महीने 2,500 रुपए की सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए 5,100 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ मिलेगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू हुई योजना
दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संकल्प पत्र में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। इसी वादे को अमल में लाते हुए दिल्ली कैबिनेट ने हाल ही में योजना को मंजूरी दी और अब इसका पोर्टल भी शुरू कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि रक्षाबंधन (28 अगस्त 2026) के अवसर पर पात्र महिलाओं के खातों में योजना की पहली किस्त जारी कर दी जाए।
कौन-कौन महिलाएं होंगी पात्र?
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करती हों। योजना के तहत महिला की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए या उससे कम होनी आवश्यक है। इसके अलावा, जिन महिलाओं के तीन से ज्यादा बच्चे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
राशि पाने के लिए मिलेंगे दो विकल्प
सरकार ने योजना के तहत मिलने वाली 2,500 रुपये की सहायता के उपयोग के लिए दो विकल्प दिए हैं, ताकि महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार फैसला ले सकें। पहले विकल्प में हर महीने 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में भेजे जाएंगे, जिनका उपयोग रोजमर्रा के खर्च के लिए किया जा सकेगा। वहीं 1,500 रुपए रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में जमा किए जाएंगे, जिससे महिलाओं की बचत भी बढ़ेगी। दूसरे विकल्प में पूरी 2,500 रुपए की राशि RD या FD में जमा कराई जा सकेगी। इससे योजना की अवधि के दौरान ब्याज के साथ बड़ा बचत कोष तैयार होगा।
बचत और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की पहल
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल नकद सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं में बचत की आदत विकसित करना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना भी है। इसी वजह से योजना में डिजिटल रुपया (CBDC) और बैंक जमा जैसे विकल्प शामिल किए गए हैं। यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा तो अगस्त के अंत तक लाखों पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।












