दिल्ली आबकारी नीति केस : सुप्रीम कोर्ट ने के कविता की जमानत याचिका पर CBI और ED से मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन के मामलों में बीआरएस नेता के. कविता की जमानत अर्जियों पर सोमवार को CBI और ED के जवाब मांगा। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने मामल में कविता को जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बीआरएस नेता की याचिकाओं को सुनने पर सहमति जता दी। पीठ ने अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख तय की है।
SC को है जमानत देने का अधिकार
कविता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि वह करीब 5 महीने से हिरासत में हैं और सीबीआई तथा ईडी आरोप पत्र तथा अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुके हैं। अभियोजन शिकायत ईडी के लिए उसी तरह है जिस तरह आरोप पत्र होता है। रोहतगी ने कहा कि इन दोनों मामलों में करीब 500 गवाह थे। रोहतगी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि कविता को जमानत का अधिकार है। रोहतगी ने कहा, ‘‘क्या मैं अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थना कर सकता हूं।'' पीठ ने कहा, ‘‘उनका (सीबीआई और ईडी का) पक्ष सुने बिना नहीं।'' तब पीठ ने सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी किए और कविता की याचिकाओं पर उनके जवाब मांगे। इसके बाद पीठ ने अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख तय की।1 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने किया जमानत से इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 जुलाई को दोनों मामलों में कविता की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा था कि वह प्रथम दृष्टया दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 (जो अब रद्द की जा चुकी है) को तैयार करने और लागू करने से संबंधित आपराधिक साजिश में मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं। मामला नीति को बनाने और लागू करने में कथित भ्रष्टाचार और धनशोधन से संबंधित है।CBI ने कविता को 11 अप्रैल को किया था गिरफ्तार
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 22 जुलाई को के कविता के खिलाफ सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया। आज उनकी न्यायिक हिरासत खत्म हो रही थी। कविता को सीबीआई ने इस मामले में 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने के कविता के 7 जून को खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।





















