दिल्ली में दिवाली के बाद खराब हुई एयर क्वालिटी, AQI 350 के पार; लोगों को घरो में रहने की सलाह

Follow on Google News
दिल्ली में दिवाली के बाद खराब हुई एयर क्वालिटी, AQI 350 के पार; लोगों को घरो में रहने की सलाह
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। दिवाली के बाद राजधानी दिल्ली की हवा में एक बार फिर जहर घुल गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 23 अक्टूबर की सुबह 6 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 353 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के कई इलाके ‘रेड जोन’ में हैं, जहां सुबह से ही स्मॉग की मोटी परत देखने को मिली। अक्षरधाम मंदिर और आईटीओ जैसे इलाकों में विजिबिलिटी बेहद कम रही।

    आनंद विहार रहा सबसे प्रदूषित इलाका

    दिल्ली के आनंद विहार में हालात सबसे खराब रहे, जहां सुबह 5:30 बजे AQI 511 पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ स्तर है। दिल्ली के अलावा नोएडा (330), गाजियाबाद (321), भिवाड़ी (323) और रोहतक (349) जैसे शहरों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। देश में सबसे प्रदूषित शहर धारूहेड़ा (379) रहा।

    बेंगलुरु और चेन्नई में राहत

    जहां दिल्ली में हवा ‘गंभीर’ स्तर पर है, वहीं दक्षिण भारत के शहरों में स्थिति बेहतर है। बेंगलुरु और चेन्नई का AQI 70 से नीचे रहा, जबकि मुंबई और अहमदाबाद में यह 110 दर्ज किया गया। आठ महानगरों में दिल्ली की हवा सबसे खराब रही।

    दिवाली पर खुलेआम फोड़े गए पटाखे

    सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले 18 से 21 अक्टूबर के बीच सिर्फ ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी थी, वह भी सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक। हालांकि, दिल्ली-NCR में कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई गईं। दिवाली की रात और उसके अगले दिन तक लोगों ने बड़े पैमाने पर पटाखे जलाए। इससे रात में प्रदूषण स्तर में भारी बढ़ोतरी हुई और 23 अक्टूबर की सुबह दिल्ली स्मॉग की चादर में लिपटी रही।

    जानिए कब अच्छी होती है हवा

    AQI रेंज

    वर्गीकरण

    विवरण

    0–50

    अच्छा

    स्वच्छ हवा

    51–100

    संतोषजनक

    सामान्य

    101–200

    मध्यम

    संवेदनशील लोगों को असर

    201–300

    खराब

    सांस की तकलीफ संभव

    301–400

    बहुत खराब

    अधिकांश को परेशानी

    401–500

    गंभीर

    स्वास्थ्य के लिए खतरनाक

    पंजाब में पराली जलाने से बढ़ा प्रदूषण

    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे दिल्ली की हवा और खराब हो रही है। कई जगहों पर किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने के वीडियो भी सामने आए हैं।

    GRAP स्टेज-I लागू

    दिल्ली-NCR में GRAP (Graded Response Action Plan) का स्टेज-I ‘खराब’ (AQI 201-300) लागू किया गया है। इसमें 27 नियमों का पालन अनिवार्य है, जिनमें शामिल है-

    • सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन और पानी का छिड़काव
    • मैकेनिकल स्वीपिंग
    • कचरा जलाने पर रोक
    • कंस्ट्रक्शन मटेरियल को ढंककर रखना
    • प्रदूषण फैलाने वाले वाहन

    डॉ. शरद जोशी (पल्मोनोलॉजिस्ट, गाजियाबाद) ने सलाह दी है कि, लोग बाहर निकलते समय N95 या डबल सर्जिकल मास्क जरूर पहनें।

    फिर अटका आर्टिफिशियल बारिश का ट्रायल

    दिल्ली में हवा सुधारने के लिए प्रस्तावित आर्टिफिशियल रेन प्रोजेक्ट फिर टल गया है। जुलाई में शुरू होने वाला यह प्रयोग अब तक नहीं हो पाया क्योंकि IMD के मुताबिक आवश्यक बादल मौजूद नहीं हैं। पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा कि, जैसे ही बादल मिलेंगे, तुरंत ट्रायल किया जाएगा। सभी मंजूरियां और संसाधन तैयार हैं।

    पराली जलाने पर सख्त कानून

    2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पराली जलाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने CAQM अधिनियम 2021 के तहत जुर्माने के प्रावधान तय किए-

    • 2 एकड़ तक - ₹5,000
    • 2 से 5 एकड़ - ₹10,000
    • 5 एकड़ से अधिक - ₹30,000

    फिर भी पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे दिल्ली की हवा और जहरीली बन रही है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts